देश की खबरें | सागर जिले में विरोध प्रदर्शन कर रही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की अस्पताल में मौत
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सागर, 15 अप्रैल मध्य प्रदेश के सागर जिले में प्रदेशव्यापी आंदोलन में हिस्सा ले रही एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की इस सप्ताह की शुरुआत में अस्पताल ले जाने के बाद मौत हो गयी।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका संगठन की सागर जिलाध्यक्ष लीला शर्मा ने शुक्रवार को बताया कि विरोध के बीच आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शाहबानो (45) की तबीयत बिगड़ने पर उसे सोमवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था और बृहस्पतिवार रात को उसकी मौत हो गयी।
उन्होंने कहा कि शाहबानो लाजपतपुरा वार्ड में आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 38 में तैनात थीं और अपने मानदेय से अधिक 1500 रुपये और नौकरी नियमित करने की मांग करते हुए पिछले 40 दिनों से चल रहे प्रदेश व्यापी आंदोलन में शामिल हो रही थीं।
शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि महिला एवं बाल विकास विभाग का एक अधिकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवाओं को समाप्त करने की धमकी दे रहा है और इससे शाहबानो सहित कई कार्यकर्ताओं को परेशानी हुई जिनमें से कुछ को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
उन्होंने कहा कि जब तक कार्यकर्ता की मौत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को सजा नहीं दी जाती तब तक शाहबानो के शव को नहीं हटाया जाएगा।
वहीं आंदोलनकारी महिलाओं ने बृहस्पतिवार को जिले के तीन मंत्रियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत की है क्योंकि ये अब तक आंदोलनकारी से मिलने नहीं पहुंचे अथवा उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया है।
सत्तारूढ़ भाजपा पर हमला करते हुए एक ट्वीट में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा, ‘‘ कल आंबेडकर जयंती पर मैंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका बहनों को न्याय देने की बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से मीडिया के माध्यम से की थी। आज सागर में एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बहन की आंदोलन के दौरान मृत्यु की खबर से बेहद विचलित हूं।...और कितनी जानें लेगी यह सरकार?’’
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट किया कि सागर में पिछले 40 दिनों से चल रहे आंदोलन में यह दूसरी मौत है। उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि संभाग के दो मंत्री, जिले के तीन कैबिनेट मंत्री गुमशुदा हैं और इतने दिनों में कोई भी इन बहनों की सुध लेने नहीं पहुंचा।
सलूजा ने सवाल किया कि मामा जी (मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान) इन बहनों की सुध कब लेगी आपकी सरकार...?
शर्मा के अनुसार पहली मौत एक सप्ताह पहले हुई थी जब एक प्रदर्शनकारी की उसके घर में जान चली गयी।
इस बीच, सागर के जिलाधिकारी दीपक आर्य ने कहा कि आंदोलन कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की मांगों को आगे की कार्रवाई के लिए सरकार के पास भेज दिया गया है।
आर्य ने कहा, “प्रशासन प्रदर्शनकारियों से बात कर रहा है और मौजूदा गर्मी की स्थिति को देखते हुए उनसे अपना आंदोलन समाप्त करने का अनुरोध कर रहा है। उनकी मांगें सरकार के स्तर पर विचाराधीन हैं।’’
विभाग के अधिकारी द्वारा आंदोलनकारी कर्मचारियों पर अनुचित दबाव बनाने के आरोप पर जिलाधिकारी ने कहा कि उन्होंने संबंधित पर्यवेक्षक से दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है और जवाब संतोषजनक नहीं पाये जाने पर मामले में कार्रवाई की जायेगी।
उन्होंने मृतक कार्यकर्ता के परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान करने का भी आश्वासन दिया है।
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