उन्होंने कहा कि व्यापार भागीदारों के लिए जरुरी है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि हाल के दिनों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से करीबी व्यापार भागीदारों पर शुल्क लगाने की चेतावनियों की प्रतिक्रिया में बातचीत का रास्ता अख्तियार करें।
मेक्सिको, कनाडा और चीन पर शुल्क लगाने की ट्रंप की घोषणा से व्यापार युद्ध को जन्म दिया है। इससे इस सप्ताह अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई। कुछ भ्रम की स्थिति भी पैदा हुई क्योंकि ट्रंप ने कनाडा और मेक्सिको पर कुछ शुल्क की घोषणा करने के तुरंत बाद उन्हें टाल दिया।
उन्होंने जिनेवा में डब्ल्यूटीओ मुख्यालय में पूर्व जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के साथ चर्चा के दौरान कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमें अमेरिका की स्थिति को समझने और उनकी चिंताओं को सुनने की जरूरत है और यह बताना चाहिए कि हम उनकी चिंताओं से निपटने में उनकी मदद कैसे कर सकते हैं।’’
महानिदेशक ने कहा, ‘‘तीस साल पहले, जब यह प्रणाली लागू की गई थी, तो अमेरिका ने अपनी आबादी और बाहरी दुनिया को लाभ पहुंचाने के लिए अपने शुल्क को काफी कम कर संभवत: इसे 2.5 प्रतिशत के आसपास ले आया था। और इससे लाभ हुआ है।’’
उन्होंने कहा ‘‘अब अमेरिका कह रहा है कि यह स्थिति अब उसके काम नहीं आने वाली है।’’
महानिदेशक ने कहा कि वह एक दूसरे के साथ बातचीत के दृष्टिकोण का समर्थन करती हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें याद रखना चाहिए कि विश्व व्यापार का 80 प्रतिशत हिस्सा डब्ल्यूटीओ के अन्य सदस्यों के बीच चल रहा है। वे मौजूदा नियमों के अनुसार आपस में व्यापार कर रहे हैं।’’
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