लखनऊ, 29 अगस्त इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक शाहिद मंजूर की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें अलाया अपार्टमेंट ढहने के मामले में उनके खिलाफ दाखिल आरोप पत्र को रद्द करने की मांग की गई थी।
उत्तर प्रदेश की राजधानी में वजीर हसन रोड पर स्थित अपार्टमेंट 24 जनवरी को ढह गया था। बचाव कार्य के दौरान मलबे से 16 लोगों को बाहर निकाला गया। उनमें से तीन- बांदा निवासी शबाना खातून (42), और सपा के प्रवक्ता अब्बास हैदर की पत्नी उज्मा हैदर (30) और मां बेगम हैदर (72) की बाद में मृत्यु हो गई।
मामले की प्राथमिकी 25 जनवरी को हजरतगंज थाने में दर्ज की गई थी। अपनी याचिका में विधायक ने दावा किया था कि उन्हें राजनीतिक प्रतिशोध के कारण फंसाया गया और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए कोई सबूत नहीं था।
न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने ने कहा कि आरोपपत्र में लगाये गये आरोप सही हैं या गलत, इसका पता सुनवाई में ही लग सकता है।
याचिका का विरोध करते हुए राज्य सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि जांच के दौरान प्रत्यक्षदर्शियों ने बयान दिया कि जब उक्त अपार्टमेंट का कंक्रीट बीम गिराया जा रहा था तब शाहिद मंजूर घटनास्थल पर मौजूद थे और उनके ही निर्देश व देखरेख में उक्त बीम को हटाया गया था।
शाहिद मंजूर विधानसभा में मेरठ जिले के किठौर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
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