देश की खबरें | असम में 72 घंटे के लिए आने वाले हवाई यात्रियों को पृथक-वास में नहीं रहना होगा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. असम सरकार ने सोमवार को कहा कि अगर कोई यात्री हवाई मार्ग से राज्य आता है और वह 72 घंटे के अंदर यहां से चला जाएगा तो उसे पृथक-वास में नहीं भेजा जाएगा, लेकिन हवाई अड्डे पर होने वाले रैपिड एंटीजन टेस्ट (आरएटी) की उसकी रिपोर्ट निगेटिव होनी चाहिए।
गुवाहाटी, 10 अगस्त असम सरकार ने सोमवार को कहा कि अगर कोई यात्री हवाई मार्ग से राज्य आता है और वह 72 घंटे के अंदर यहां से चला जाएगा तो उसे पृथक-वास में नहीं भेजा जाएगा, लेकिन हवाई अड्डे पर होने वाले रैपिड एंटीजन टेस्ट (आरएटी) की उसकी रिपोर्ट निगेटिव होनी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग में प्रधान सचिव समीर सिन्हा की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया है कि यात्री को अपने वापसी की टिकट की प्रति मुहैया करानी होगी जो 72 घंटे में वापसी का संकेत करती हो।
यात्रियों को पहुंचने पर आरएटी जांच के लिए अपना नमूना देना होगा, और अगर रिपोर्ट निगेटिव है तो उन्हें जाने की इजाजत होगी।
अगर संक्रमित होने की पुष्टि होती है तो मुसाफिर को कोविड-19 के मरीज के लिए बनाए गए प्रोटोकॉल के तहत पृथक-वास या उपचार के लिए जाना होगा।
आदेश में कहा गया है कि बिना लक्षण वाले यात्रियों को आरसी पीसीआर परीक्षण कराना होगा, भले ही आरएटी की उनकी रिपोर्ट निगेटिव आए। वह जांच रिपोर्ट आने तक पृथक-वास में रहेंगे।
आदेश में कहा गया है कि यदि कोई हवाई यात्री 72 घंटे की समयसीमा का उल्लंघन करता है तो उसे दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना होगा तथा उसे पृथक-वास में भेज दिया जाएगा।
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