देश की खबरें | एआई कैमरा परियोजना पर आरोपों के कारण इसे रोका नहीं जा सकता : केरल सरकार
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तिरूवनंतपुरम, 27 अप्रैल केरल सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि एआई यातायात कैमरे जैसी परियोजना को एक बार लागू करने के बाद, इसे केवल कुछ आरोपों के आधार पर रोका नहीं जा सकता है।
परियोजना की परिकल्पना राज्य में सड़क दुर्घटनाओं और यातायात नियमों के उल्लंघन को कम करने के लिए की गई है।
प्रदेश के परिवहन मंत्री एंटनी राजू ने कहा कि प्रदेश की वामपंथी सरकार की ‘सुरक्षित केरल योजना’ के तहत एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) कैमरों का परीक्षण आठ महीने पहले ही पूरा हो चुका है और इसके संबंध में परिवहन विभाग के एक अधिकारी के खिलाफ सतर्कता जांच पिछले महीने ही शुरू की गई थी।
मंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘इसलिए हम परियोजना के संबंध में शुरू की गई सतर्कता जांच या किसी अन्य जांच के पूरा होने तक इसको रोक नहीं सकते। ऐसे कारणों से न तो कोई परियोजना रुकी है और न ही भविष्य में रुकेगी।’’
प्रदेश के उद्योग मंत्री पी राजीव ने बुधवार को घोषणा की थी कि सरकार ने सुरक्षित केरल परियोजना के तहत प्रदेश में 726 एआई कैमरे लगाये जाने के मामले में केल्ट्रॉन के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को एक पत्र भेजकर विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने दावा किया है कि इस परियोजना के अनुबंध, परिवहन विभाग और ‘केल्ट्रॉन’ के बीच हुए करार, और कंपनी द्वारा की गयी निविदा प्रक्रिया के बारे में जानकारियां सार्वजनिक नहीं हैं।
सतीशन ने पत्र में आरोप लगाया है कि सुरक्षित केरल परियोजना के तहत लगाने के लिए जो कैमरे खरीदे गये वे बाजार भाव से अधिक दाम पर खरीदे गये तथा केल्ट्रॉन द्वारा कंपनियों के चयन में पारदर्शित नहीं बरती गयी।
उन्होंने यह भी कहा है कि केरल राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड (केल्ट्रॉन) को परिवहन विभाग ने एआई कैमरा परियोजना को क्रियान्वित करने का जिम्मा दिया था लेकिन इस संबंध में सेवा समझौते को सार्वजनिक नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि ठेके कंपनियों के चयन के लिए केल्ट्रॉन द्वारा जो निविदा प्रक्रिया अपनायी गयी है उसमें भी रहस्य है क्योंकि यह पता नहीं चल पाया कि किन कंपनियों ने निविदा प्रक्रिया में हिस्सा लिया है और आखिरकार किस कंपनी का चयन किया गया।
जब से विजयन ने ‘सुरक्षित केरल परियोजना’ का उद्घाटन किया है तब से विपक्षी कांग्रेस इस पहल के प्रति आक्रामक रुख अपनाए हुए है और उसने उसमें अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। इस परियोजना का मकसद सड़क हादसे और यातायात नियमों के उल्लंघन में कमी लाना है।
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