विदेश की खबरें | अफगानिस्तान के राजनयिकों को वापस बुलाने के बाद, पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने अफगानी समकक्ष से बात की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सोमवार को टेलीफोन पर अपने अफगान समकक्ष मोहम्मद हनीफ अतमार से बात की और उन्हें आश्वासन दिया कि अफगानिस्तानी राजदूत की बेटी के अपहरण में शामिल दोषियों की गिरफ्तारी के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।

इस्लामाबाद, 19 जुलाई पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सोमवार को टेलीफोन पर अपने अफगान समकक्ष मोहम्मद हनीफ अतमार से बात की और उन्हें आश्वासन दिया कि अफगानिस्तानी राजदूत की बेटी के अपहरण में शामिल दोषियों की गिरफ्तारी के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।

रेडियो पाकिस्तान ने कुरैशी को उद्धृत करते हुए कहा कि विदेश मंत्रालय कूटनीतिक नियमों से पूरी तरह वाकिफ है और पाकिस्तान में अफगान दूतावास व वाणिज्य दूतावास की सुरक्षा और बढ़ा दी गई है।

उन्होंने अफगान विदेश मंत्री को आश्वस्त किया कि “पाकिस्तान आरोपियों की गिरफ्तारी और उन्हें यथाशीघ्र कानून के दायरे में लाने के लिये हर संभव कदम उठाएगा।” कुरैशी ने कहा, “हमें उम्मीद है कि पाकिस्तान के गंभीर प्रयासों को देखते हुए अफगान सरकार अपने राजदूत और वरिष्ठ राजनयिकों को वापस बुलाने के फैसले पर पुन:विचार करेगी।”

खबर में कहा गया कि अफगान विदेश मंत्री ने जांच में व्यक्तिगत रुचि दिखाने के लिये प्रधानमंत्री इमरान खान का शुक्रिया अदा किया और अफगान दूतावास व वाणिज्य दूतावास की सुरक्षा बढ़ाने के प्रयासों के लिये कुरैशी की सराहना की।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच कूटनीतिक संकट रविवार को तब बढ़ गया था जब काबुल ने अपने राजदूत और अन्य वरिष्ठ राजनयिकों को इस्लामाबाद से वापस बुलाने की घोषणा की थी।

अज्ञात लोगों ने पाकिस्तान में अफगानिस्तान के राजदूत नजीबुल्ला अलीखिल की बेटी सिलसिला अलीखिल का शुक्रवार को इस्लामाबाद में अपहरण किया, उन्हें प्रताड़ित किया और उनके साथ ‘‘मारपीट’’ की। सिलसिला को उस वक्त अगवा किया गया, जब वह किराए के वाहन से कहीं जा रही थीं। मुक्त करने से पहले उन्हें कई घंटे बंधक बनाए रखा गया। सिलसिला राजधानी के एफ-9 पार्क इलाके में पाई गई थीं और उनके शरीर पर चोट के निशान थे।

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने रविवार रात जारी एक बयान में कहा कि अफगान राजदूत की बेटी का कथित रूप से अपहरण किए जाने और उसे यातना दिए जाने के मामले की जांच की जा रही है और देश के प्रधानमंत्री इमरान खान के निर्देश पर मामले पर उच्चतम स्तर पर नजर रखी जा रही है।

पाकिस्तान ने अपने राजदूत और वरिष्ठ राजनयिकों को पाकिस्तान से वापस बुलाने के अफगानिस्तान सरकार के फैसले को “दुर्भाग्यपूर्ण एवं खेदजनक” करार दिया।

इसबीच विदेश कार्यालय के मुताबिक, पाकिस्तान ने भी इस्लामाबाद में अफगान राजदूत की बेटी के कथित अपहरण और रिहाई के मामले में “परामर्श” के लिये अफगानिस्तान से अपने राजदूत को वापस बुलाया है।

राजदूत मंसूर अहमद खान विदेश सचिव सोहैल महमूद से मिलने के लिये रविवार को यहां पहुंचे।

महमूद ने सोमवार को अफगान राजदूत से मुलाकात की और सरकार द्वारा उठाए गए सभी कदमों के बारे में जानकारी देने के साथ ही पूर्ण सहयोग का आश्वासन भी दिया।

इस बीच पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख रशीद ने निजी टेलीविजन चैनल ‘जियो न्यूज’ को बताया कि अपहरण का यह पूरा मामला पाकिस्तान को ‘‘बदनाम’’ करने के लिए एक ‘‘अंतरराष्ट्रीय गिरोह’’ का नतीजा है।

उन्होंने कहा, “वह अपनी मर्जी से रावलपिंडी गई थी…हमारे पास सीसीटीवी फुटेज है। यह एक साजिश है।”

शनिवार को जारी एक बयान में अफगानिस्तान ने पाकिस्तान से “साजिशकर्ताओं की जल्द से जल्द पहचान कर उन्हें दंडित किये जाने की मांग की थी।”

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\