देश की खबरें | 2,000 लोगों में से केवल एक में कोविड टीकाकरण का प्रतिकूल प्रभाव : सरकार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्र ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 टीकाकरण के 2,000 लाभार्थियों में से केवल एक व्यक्ति टीके के मामूली प्रभाव की जानकारी देते हैं और टीकाकरण के बाद प्रतिकूल प्रभाव (एईएफआई) की दर 0.05 प्रतिशत दर्ज की गई है।

नयी दिल्ली, 16 फरवरी केंद्र ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 टीकाकरण के 2,000 लाभार्थियों में से केवल एक व्यक्ति टीके के मामूली प्रभाव की जानकारी देते हैं और टीकाकरण के बाद प्रतिकूल प्रभाव (एईएफआई) की दर 0.05 प्रतिशत दर्ज की गई है।

विभिन्न अफवाहों को खारिज करते हुए नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल ने कहा कि टीकाकरण किसी भी तरीके से प्रजनन क्षमता को प्रभावित नहीं करेगा।

उन्होंने कहा, "एईएफआई 0.05 प्रतिशत है, यह 2000 में एक का मामला है जिसमें मामूली दर्द या बुखार है। प्रजनन क्षमता पर असर होने संबंधी अफवाहें सच नहीं है। टीके सुरक्षित हैं। मैं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और नर्सों से टीके लगवाने की अपील करूंगा।"

आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा कि एस्पिरिन और रक्त को पतला करने वाली दवाइयां लेने वाले लोगों को भी ये टीके दिए जा सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘कोई विरोधाभास नहीं है।’’

पॉल ने कहा कि भारत से 24 देशों को टीके भेजे गए हैं। उन्होंने लोगों से सतर्कता बनाए रखने और कोविड संबंधी उचित व्यवहार का पालन करना जारी रखने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, "भारतीय आबादी का 70 प्रतिशत हिस्सा अब भी असुरक्षित है। इस वायरस को रोकने के लिए सतर्कता कायम रखनी चाहिए। हम अब तक वायरस को पूरी तरह से नहीं समझ पाए हैं, इसलिए हमें टीकाकरण और कोविड​​-19 संबंधी उचित व्यवहार को लेकर गंभीर रहना चाहिए।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\