देश की खबरें | पर्याप्त प्रोटीन युक्त आहार से टीबी मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों के चपेट में आने का खतरा कम : लैंसेट अध्ययन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत में प्रभावी चिकित्सा के साथ-साथ हर महीने पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन युक्त आहार के उपयोग से टीबी मरीजों के संपर्क में आने वाले उनके परिवार के सदस्यों के इस रोग की चपेट में आने का खतरा लगभग पचास फीसदी तक कम पाया गया । 'द लैंसेट ग्लोबल हेल्थ जर्नल' में प्रकाशित एक अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है।
नयी दिल्ली, नौ अगस्त भारत में प्रभावी चिकित्सा के साथ-साथ हर महीने पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन युक्त आहार के उपयोग से टीबी मरीजों के संपर्क में आने वाले उनके परिवार के सदस्यों के इस रोग की चपेट में आने का खतरा लगभग पचास फीसदी तक कम पाया गया । 'द लैंसेट ग्लोबल हेल्थ जर्नल' में प्रकाशित एक अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है।
शोधकर्ताओं के एक अंतरराष्ट्रीय दल ने अपने अध्ययन में झारखंड के चार जिलों में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की 28 टीबी इकाइयों में 2,800 रोगियों के संपर्क में आने वाले उनके परिवार के सदस्यों को शामिल किया गया।
अध्ययन के दौरान क्षय रोग से पीड़ित मरीजों के संपर्क में आए सदस्यों को प्रोटीन युक्त व सूक्ष्म पोषक तत्व युक्त (750 कैलोरी, सूक्ष्म पोषक तत्वों के साथ प्रति दिन 23 ग्राम प्रोटीन) मासिक आहार प्रदान किया गया तथा सभी लोगों की 31 जुलाई 2022 तक सक्रिय रूप से निगरानी की गई।
अध्ययन में अगस्त 2019 से जनवरी 2021 के बीच मरीजों के संपर्क में आए 10,345 लोगों को दो समूहों में विभाजित किया गया, जिनमें एक समूह (हस्तक्षेप समूह) में शामिल 5,621 लोगों में से 5,328 (94.8 फीसदी) और दूसरे समूह (नियंत्रित समूह) में शामिल 4,724 सदस्यों में से 4,283 (90.7 प्रतिशत) ने प्राथमिक परिणाम मूल्यांकन पूरा किया।
अध्ययन में शामिल लगभग दो-तिहाई लोग संथाल, हो, ओरांव और भूमिज जैसे स्थानीय समुदायों से संबंधित थे और लगभग 34 प्रतिशत (10,345 में से 3,543) लोग अल्पपोषण से पीड़ित थे।
अध्ययन में हस्तक्षेप समूह में टीबी के मामले में 39 प्रतिशत (सभी प्रकार) से 48 प्रतिशत (सूक्ष्मजैविक रूप से पुष्टि की गई फुफ्फुसीय टीबी) की सापेक्ष कमी पाई गई।
मंगलुरु के येनेपोया मेडिकल कॉलेज सेंटर फॉर न्यूट्रिशन स्टडीज के शोधकर्ता अनुराग भार्गव ने बुधवार को ट्वीट किया, "जीवन बचाने और बेहतर परिणामों के लिए टीबी के इलाज में भोजन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।"
उन्होंने कहा, "प्रभावी चिकित्सा के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन युक्त मासिक आहार से संपर्क में आए लोगों के वजन में वृद्धि हुई। अध्ययन में शामिल समूह के लगभग आधे लोगों का बीएमआई 16 से कम था। अन्य समूहों की तुलना में, मृत्यु दर 35-50 प्रतिशत कम थी। पोषण युक्त भोजन से शुरुआती दो महीने में वजन में वृद्धि तथा मृत्यु दर में 60 प्रतिशत की कमी हुई।"
अध्ययन में गंभीर अल्पपोषण के उच्च प्रसार वाले समूह को पोषण संबंधी सहायता प्रदान की गई। शोधकर्ताओं ने पाया कि शुरुआती दो महीने में पोषण युक्त आहार से लोगों का वजन बढ़ा और टीबी रोगियों की मृत्यु दर में बहुत कमी आई।
टीम में कनाडा में मैकगिल विश्वविद्यालय के शोधकर्ता सहित राष्ट्रीय क्षय रोग अनुसंधान संस्थान (चेन्नई), राष्ट्रीय क्षय रोग संस्थान (बेंगलुरु) रांची में राज्य टीबी सेल और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अधिकारी भी शामिल थे।
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