जरुरी जानकारी | अडाणी ग्रीन एनर्जी को दुनिया की सबसे बड़ी सौर परियोजना का ठेका, 45,000 करोड़ रुपये करेगी निवेश

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. उद्योगपति गौतम आडाणी की नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी अडाणी ग्रीन एनर्जी ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अबतक का सबसे बड़ा आर्डर हासिल किया है। कंपनी ने मंगलवार को कहा कि उसने सार्वजनिक क्षेत्र की नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी एसईसीआई (सेकी) से देश में 8,000 मेगावाट क्षमता के फोटोवोल्टिक (पीवी) बिजली संयंत्र के साथ घरेलू सौर पैनल के लिये विनिर्माण इकाई लगाने का आर्डर हासिल किया है।

नयी दिल्ली, नौ जून उद्योगपति गौतम आडाणी की नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी अडाणी ग्रीन एनर्जी ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अबतक का सबसे बड़ा आर्डर हासिल किया है। कंपनी ने मंगलवार को कहा कि उसने सार्वजनिक क्षेत्र की नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी एसईसीआई (सेकी) से देश में 8,000 मेगावाट क्षमता के फोटोवोल्टिक (पीवी) बिजली संयंत्र के साथ घरेलू सौर पैनल के लिये विनिर्माण इकाई लगाने का आर्डर हासिल किया है।

इस पर कुल 45,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा।

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सेकी (पूर्व में सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) से मिले घरेलू विनिर्माण से जुड़ी सौर परियोजनाओं के आर्डर के तहत अडाणी एनर्जी 2,000 मेगावाट क्षमता के घरेलू सौर पैनल विनिर्माण संयंत्र लगाएगी। साथ ही 8,000 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा उत्पादन परियोजनाएं स्थापित करेगी।

कंपनी को बिजली संयंत्र से 25 साल की अनुबंध अवधि के लिये प्रति यूनिट (किलोवाट प्रति घंटा) 2.92 रुपये का नियत शुल्क मिलेगा। अडाणी ने कहा, ‘‘इतनी बड़ी क्षमता की यह दुनिया की सबसे बड़ी निविदा है जिसके लिये बोलियां मंगायी गयी थी।’’ इससे अडाणी ग्रीन को 2025 तक दुनिया की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी बनने के लक्ष्य के करीब पहुंचने में मदद मिलेगी।’’

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इस अनुबंध के साथ अडाणी ग्रीन के पास 15,000 मेगावाट क्षमता की नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन संपत्ति का पोर्टफोलियो हो जाएगा।

गौतम अडाणी ने डिजिटल कांफ्रेस में कहा कि उसे इस साल 10,000 मेगावाट क्षमता की निविदाएं और हासिल करने की उम्मीद है। इससे कंपनी को 25,000 मेगावाट का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।

कुल 15 अरब डॉलर का अडाणी समूह ऊर्जा, कृषि कारोबार, रीयल एस्टेट, रक्षा समेत अन्य क्षेत्रों में कार्यरत है।

अडाणी ने कहा कि पहली 2,000 मेगाावाट उत्पादन क्षमता 2022 से शुरू होगी। इसके बाद 2025 तक हर साल 2,000-2,000 मेगावाट तक का इजाफा किया जाएगा।

कंपनी विभिन्न स्थानों पर सौर परियोजनाएं लगाएगी। सौर विनिर्माण संयंत्र 2022 तक पूरा होगा।

यह पूछे जाने पर कि 25 साल तक 2.92 रुपये प्रति यूनिट कितना व्यवहारिक है, ‘‘अडाणी ने कहा, ‘‘काफी मार्जिन है। साथ ही हमारे पास परियोजना के क्रियान्वयन के लिये 3-5 साल का समय है। हम शुल्क को लेकर संतुष्ट हैं क्योंकि इसमें पर्याप्त मार्जिन है।

मुख्य रूप से चीन से या दक्षिण पूर्व एशिया में स्थित चीनी कंपनियों द्वारा सस्ते सौर मोड्यूल पर रक्षोपाय शुल्क भी एक संतोषजनक बात है।

कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘‘अडाणी ग्रीन एनर्जी लि. ने सेकी से विनिर्माण से जुड़ा सौर समझौता हासिल किया है जो अपनी तरह का पहला आर्डर है।’’

बयान के अनुसार इससे कंपनी 2025 तक नवकीरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 25,000 मेगावाट उत्पादन क्षमता का लक्ष्य हासिल कर पाएगी।

इस खबर से कंपनी का शेयर बीएसई में 5 प्रतिशत मजबूत होकर रिकार्ड 312.75 रुपये पर पहुंच गया।

अडाणी ने कहा कि परियोजना से देश को कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (सीओपी 21) के लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी। यह अपने पूरे जीवनकाल में 90 करोड़ टन कार्बन डाईआक्साइड के उत्सर्जन में कमी लाएगा।

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