देश की खबरें | गलती करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को तार्किक अंत तक ले जाने की जरूरत: अदालत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि शहर में अवैध होर्डिंग के लिए जिम्मेदार बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के अधिकारियों के खिलाफ केवल कार्रवाई शुरू करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इस कार्रवाई को तार्किक निष्कर्ष तक ले जाए जाने की आवश्यकता है।
बेंगलुरु, 11 अक्टूबर कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि शहर में अवैध होर्डिंग के लिए जिम्मेदार बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के अधिकारियों के खिलाफ केवल कार्रवाई शुरू करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इस कार्रवाई को तार्किक निष्कर्ष तक ले जाए जाने की आवश्यकता है।
मुख्य न्यायाधीश प्रसन्ना बी वराले और न्यायमूर्ति कृष्णा एस दीक्षित की खंडपीठ ने बेंगलुरु में अवैध होर्डिंग और विज्ञापनों के खिलाफ शहर के एक निवासी मायिगे गौडा द्वारा दर्ज कराई गई जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की।
बीबीएमपी ने उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करने के लिए उठाए गए कदमों की अदालत को जानकारी दी।
अदालत को यह सूचित किया गया कि उन अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं जिन्होंने ‘‘कर्तव्य में लापरवाही की है या जो अपने कर्तव्यों के निर्वहन में धीमे और सुस्त रहे हैं।’’
इस प्रकार के सर्वाधिक नोटिस पूर्वी क्षेत्र के अधिकारियों को जारी किए गए। पूर्वी क्षेत्र में नौ अगस्त, 2023 तक 85 अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए। पश्चिमी क्षेत्र में 30, दक्षिणी क्षेत्र में 17, महादेवपुरा में एक, आरआर नगर में पांच, यलहंका में 10 अधिकारियों और दशरहल्ली में चार अधिकारियों को इस प्रकार के नोटिस जारी किए गए।
बीबीएमपी द्वारा अदालत के समक्ष दायर अनुपालन रिपोर्ट में बताया गया है कि विशेष आयुक्त (राजस्व) ने दो सितंबर को सभी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की और अदालत के निर्देशानुसार प्राथमिकियां दर्ज करने एवं अनधिकृत होर्डिंग को हटाने संबंधी जानकारी देने के निर्देश दिए।
इसमें बताया गया कि अवैध ढांचे और होर्डिंग की पहचान करने एवं उन्हें हटाने के लिए क्षेत्रीय स्तर और उप-मंडल स्तर पर दलों का गठन किया गया।
दलों को सर्वेक्षण पूरा करने के लिए 10 दिन और रिपोर्ट सौंपने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया गया था। नोटिस जारी करने के बाद, संबंधित अवैध होर्डिंग हटा दिए गए और पूरी गतिविधि आठ अक्टूबर, 2023 तक पूरी कर ली गई।
अदालत ने बीबीएमपी को यहां विज्ञापन होर्डिंग के संबंध में एक सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया। अदालत ने इस बात की जानकारी देने को कहा कि पिछले तीन साल में प्राधिकारियों ने कितने होर्डिंग को अनुमति दी है, अवैध होर्डिंग के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है और कितना जुर्माना वसूला गया है। इसके बाद अदालत ने सुनवाई स्थगित कर दी।
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