देश की खबरें | जम्मू में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने पीडीपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया, कई हिरासत में लिए गए

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जम्मू में रविवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने पीडीपी कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को कुछ देर के लिए हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारी पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के जम्मू-कश्मीर को लेकर दिए गए हालिया बयानों का विरोध कर रहे थे।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

जम्मू, 25 अक्टूबर जम्मू में रविवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने पीडीपी कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को कुछ देर के लिए हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारी पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के जम्मू-कश्मीर को लेकर दिए गए हालिया बयानों का विरोध कर रहे थे।

प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर एक बोर्ड पर पेंट भी फेंका, जिस पर मुफ्ती की तस्वीर बनी हुई थी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

यह भी पढ़े | Shivsena Dussehra Rally: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने विपक्ष को दी चुनौती, कहा- हिम्मत है तो सरकार गिरा कर दिखाओ.

उन्होंने कहा कि गांधी नगर स्थित पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के कार्यालय के बाहर तिंरगा झंडा लेकर पहुंचे आधा दर्जन से अधिक एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विरोध करना शुरू किया और पुलिस के सुरक्षा घेरे को तोड़कर कार्यालय के प्रवेश द्वार पर लगे एक बोर्ड पर हरे रंग का पेंट फेंका, जिस पर महबूबा मुफ्ती की तस्वीर बनी हुई थी।

अधिकारियों ने कहा कि नारेबाजी कर रहे प्रदर्शनकारियों ने बार-बार कार्यालय की इमारत में घुसने और तिरंगा झंडा फहराने का भी प्रयास किया। हालांकि, पुलिस ने इन्हें रोका और थोड़ी देर के लिए हिरासत में ले लिया।

यह भी पढ़े | Madhya Pradesh Bypolls 2020: एमपी उपचुनाव में उतरे 18 फीसदी उम्मीदवारों पर हैं आपराधिक मामले.

हालांकि, बाद में पुलिस ने इनमें से कुछ लोगों को लोहे की बाड़ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अनुमति दी।

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को कहा था कि उन्हें तब तक चुनाव लड़ने या राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा उठाने में कोई दिलचस्पी नहीं है, जब तक पिछले साल पांच अगस्त को लागू किए गए संवैधानिक बदलाव वापस नहीं लिये जाते।

उन्होंने कहा था कि वह तिरंगे को तभी उठाएंगी, जब पूर्ववर्ती राज्य के अलग ध्वज को बहाल कर दिया जाएगा।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\