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देश की खबरें | आप सरकार का 2017-18 में स्वीकृत राशन कार्ड को लेकर अदालत में दावा आरटीआई के आंकड़े के विपरीत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने दावा किया कि उसने 2016-2018 तक राशन कार्ड के किसी आवेदन को मंजूरी नहीं दी, लेकिन यह सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत हासिल की गई जानकारी के विरोधाभासी है जिसमें संकेत मिलता है कि इस अवधि के दौरान हजारों आवेदन मंजूर किये गए।

देश की खबरें | आप सरकार का 2017-18 में स्वीकृत राशन कार्ड को लेकर अदालत में दावा आरटीआई के आंकड़े के विपरीत
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 23 दिसंबर दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने दावा किया कि उसने 2016-2018 तक राशन कार्ड के किसी आवेदन को मंजूरी नहीं दी, लेकिन यह सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत हासिल की गई जानकारी के विरोधाभासी है जिसमें संकेत मिलता है कि इस अवधि के दौरान हजारों आवेदन मंजूर किये गए।

दिल्ली सरकार ने न्यायामूर्ति नवीन चावला के समक्ष दो महिलाओं की अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह प्रतिवेदन दिया। याचिकाओं में महिलाओं ने रियायती खाद्यान्न प्राप्त करने के लिये उन्हें राशन कार्ड जारी करने की मांग की है।

याचिकाकर्ताओं ने उच्च न्यायालय को बताया कि आरटीआई के तहत प्राप्त की गई सूचना के मुताबिक वर्ष 2017 में 8,351 आवेदन मंजूर किये गए और 2018 में इनकी संख्या 31,688 थी जबकि 2019 और 2020 में स्वीकृत आवेदनों की संख्या क्रमश: 36,158 और 11,965 है।

दिल्ली सरकार द्वारा अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता अनुज अग्रवाल के जरिये दायर की गई स्थिति रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत दिल्ली को आवंटित 72.77 लाख राशन कार्डों की अधिकतम सीमा 2016 में ही पूरी हो गई थी और उसके बाद 2018 तक किसी भी आवेदन को मंजूर नहीं किया गया।

दिल्ली सरकार द्वारा शहर में राशन कार्ड आवेदनों के लंबित होने के पीछे 2018 और 2019 में कर्मचारियों की भीषण कमी और उसके बाद 2019 और 2020 में क्रमश: आम चुनावों व विधानसभा चुनाव में कर्मचारियों की तैनाती को इसकी वजह बताया गया और इस साल सरकार ने उनके कोविड-19 संबंधी ड्यूटी में व्यस्त होने का हवाला दिया।

दोनों महिलाओं की तरफ से पेश हुए वकील तुषार सान्नू दहिया ने हालांकि अदालत को बताया कि आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार ने इस दौरान हजारों आवेदन स्वीकृत किये हैं।

अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई 18 जनवरी 2021 को तय की है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 23, 2020 11:03 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).