देश की खबरें | ‘आप’ सरकार जानकारी न देकर संविधान के खिलाफ काम कर रही : पंजाब के राज्यपाल
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चंडीगढ़, 12 जून पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने सोमवार को आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार उनके पत्रों का जवाब नहीं देकर संविधान के खिलाफ काम कर रही है और कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान राजभवन को जवाब देने के लिए बाध्य हैं।
पुरोहित की टिप्पणी के कुछ घंटों बाद ही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ट्विटर पर राज्यपाल के अभिभाषण का एक वीडियो साझा किया और कहा कि राज्यपाल ने तीन मार्च को सदन में विपक्षी दल के कहने पर आप नीत राज्य सरकार को ‘मेरी सरकार’ के रूप में संदर्भित करना बंद कर दिया।
मान ने राज्यपाल से यह बताने के लिये कहा कि वह अपने संबोधन के दौरान ‘मेरी सरकार’ शब्द का उपयोग नहीं करके अपने संवैधानिक कर्तव्य का निर्वहन करने में ‘विफल’ क्यों हुए। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ‘मौजूदा केंद्रीय शासन में चुनिंदा लोग बेवजह निर्वाचित लोगों के मामलों में हस्तक्षेप रहे हैं।’
उन्होंने आरोप लगाया कि ‘राज्यपाल’का निवास राजभवन अब भाजपा के राज्य मुख्यालय के रूप में काम कर रहे हैं, जो भारतीय लोकतंत्र के लिए एक बहुत ही खतरनाक है।
इससे पहले, पुरोहित ने यहां संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद भी मान सरकार ने उनके पत्रों का जवाब नहीं दिया है।
पुरोहित ने कहा, ‘‘मेरे 10 पत्रों में से एक का भी जवाब नहीं दिया गया है। वे संविधान के खिलाफ काम कर रहे हैं।’’
उच्चतम न्यायालय के आदेश का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि शीर्ष अदालत के अनुसार, राज्य सरकार राज्यपाल की ओर से मांगी गई जानकारी देने के लिए बाध्य है।
पुरोहित ने कहा, ‘‘आप जानते हैं कि उच्चतम न्यायालय का क्या निर्देश है। शीर्ष अदालत ने कहा कि राज्यपाल जो कुछ भी पूछते हैं, उसका जवाब देना मुख्यमंत्री के लिए 101 प्रतिशत अनिवार्य है। यह (आदेश में) स्पष्ट शब्दों में लिखा है।’’
राज्यपाल ने बताया कि जब उन्होंने कुछ मुद्दों पर जानकारी मांगी थी तो मुख्यमंत्री ने कहा था कि उनकी सरकार सिर्फ तीन करोड़ पंजाबियों के प्रति जवाबदेह है।
फरवरी में, राज्यपाल ने सिंगापुर में एक प्रशिक्षण संगोष्ठी के लिए 36 सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों के चयन की प्रक्रिया सहित कुछ विवरण मांगे थे। इसके बाद राज्यपाल और ‘आप’ सरकार के बीच विवाद पैदा हो गया था।
बाद में, ‘आप’ सरकार ने राज्यपाल पर विधानसभा सत्र बुलाने से ‘इनकार’ करने का आरोप लगाते हुए उच्चतम न्यायालय का रूख किया था।
यह पूछे जाने पर कि क्या राज्यपाल ने विधानसभा में अपने अभिभाषण में राज्य सरकार को ‘मेरी सरकार’ के रूप में संदर्भित करने से इनकार कर दिया, पुरोहित ने कहा, “सभी आदेश मेरे नाम से जारी किए जाते हैं। मैं ऐसा क्यों नहीं कहूंगा? मुझे कोई आपत्ति नहीं है। सिर्फ एक बार नहीं, मैं इसे 50 बार कहूंगा।’’
पंजाब सरकार द्वारा 19 और 20 जून को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए जाने के बारे में पूछे जाने पर पुरोहित ने कहा कि वह इसके लिए अनुमति देंगे।
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