देश की खबरें | विपक्ष की बैठक के बाद आप पत्रकार वार्ता में शामिल नहीं हुई, अध्यादेश पर कांग्रेस के मौन की निंदा की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पटना में शुक्रवार को आयोजित विपक्षी दलों की बैठक का ‘बहिष्कार’ करने से बचते हुए आम आदमी पार्टी (आप) ने प्रेस वार्ता में हिस्सा नहीं लिया और दिल्ली सेवा से संबंधित केंद्र सरकार के अध्यादेश पर कांग्रेस की ‘चुप्पी’ की निंदा की।
पटना, 23 जून पटना में शुक्रवार को आयोजित विपक्षी दलों की बैठक का ‘बहिष्कार’ करने से बचते हुए आम आदमी पार्टी (आप) ने प्रेस वार्ता में हिस्सा नहीं लिया और दिल्ली सेवा से संबंधित केंद्र सरकार के अध्यादेश पर कांग्रेस की ‘चुप्पी’ की निंदा की।
पार्टी के संस्थापक अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्यसभा सांसद संजय सिंह और राघव चड्ढा ने बैठक में आप का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन पत्रकार वार्ता में ये नेता अनुपस्थित रहे।
हालांकि, अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर आप ने केंद्र के उक्त अध्यादेश को एक ‘‘काला अध्यादेश’’ बताते हुए उसको लेकर एक बयान जारी किया है।
बयान में कहा गया है कि अध्यादेश का उद्देश्य ना केवल दिल्ली में एक निर्वाचित सरकार के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनना है, बल्कि यह भारत के लोकतंत्र और संवैधानिक सिद्धांतों के लिए एक खतरा है।
बयान में कहा गया है कि पटना में बैठक में भाग लेने वाले दलों में से 12 दलों का राज्यसभा में प्रतिनिधित्व है और कांग्रेस को छोड़कर अन्य सभी ने अध्यादेश के खिलाफ स्पष्ट रूप से अपना रुख व्यक्त किया है और घोषणा की है कि वे इसका राज्यसभा में विरोध करेंगे।
बयान में अफसोस जताया गया है कि कांग्रेस ने अभी तक इस ‘काले अध्यादेश’ पर अपनी स्थिति सार्वजनिक नहीं की है। बयान में कहा गया है कि कांग्रेस की दिल्ली और पंजाब इकाइयों ने घोषणा की है कि पार्टी को इस मुद्दे पर मोदी सरकार का समर्थन करना चाहिए।
आप द्वारा जारी बयान में दावा किया गया है कि पटना में शुक्रवार को बैठक के दौरान कई दलों ने कांग्रेस से सार्वजनिक रूप से ‘काले अध्यादेश’ की निंदा करने का आग्रह किया। हालांकि, कांग्रेस ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। आप के बयान में कहा गया है कि सबसे पुरानी पार्टी की चुप्पी उसके वास्तविक इरादों पर संदेह पैदा करती है।
आप के आरोपों पर कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। बैठक में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने किया।
विपक्षी दलों की पत्रकार वार्ता में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जिन्होंने यह बैठक बुलाई थी, ने आप की अनुपस्थिति को कमतर करके दिखाने की कोशिश की।
जदयू के शीर्ष नेता नीतीश ने कहा, ‘‘जिन लोगों को जल्दी उड़ान पकड़नी थी, वे पत्रकार वार्ता के लिए नहीं रुक सकते थे, उनपर ध्यान नहीं केंद्रित करें, इस पर ध्यान दें कि हमारे प्रयास में कितनी पार्टियां शामिल हुई हैं।’’
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