देश की खबरें | आदिवासी समाज के नायक बिरसा मुंडा के जीवन पर रोशनी डालती एक किताब

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नयी दिल्ली, 24 मार्च एक नयी किताब आदिवासी नायक बिरसा मुंडा के जीवन और समय को बयां करती है और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका को सामने लाने का प्रयास करती है।

तुहिन ए सिन्हा और अंकिता वर्मा द्वारा लिखित और मंजुल पब्लिशिंग हाउस के अमरेलिस द्वारा प्रकाशित ‘‘द लीजेंड ऑफ बिरसा मुंडा’’ ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित है। मुंडा का चरित्र और कहानी एक ऐतिहासिक व्यक्ति पर आधारित है, वहीं इस उपन्यास की परिस्थितियां, घटनाएं, चरित्र और संवाद, लेखकों की कल्पना की उपज हैं।

मुंडा ने अपने छोटे उम्र काल में, आदिवासी समुदाय को संगठित किया, जबरन धर्मांतरण के खिलाफ विद्रोह किया, एक निष्पक्ष, अधिक न्यायपूर्ण समाज की कल्पना की और इसके लिए लड़ते हुए जान दी।

किताब में कहा गया, ‘‘बिरसा अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ लड़ाई में जीते और जान दी। अपने लोगों को उजालों में रखने के लिए वह अंधेरे में चलने को तैयार थे। वह कभी डगमगाए नहीं, अपनी सुरक्षा के लिए कभी डरे नहीं। उन्हें यातना दी गई, अपशब्द कहे गये और प्रताड़ित किया गया, फिर भी वह अपने विश्वासों और उद्देश्य के प्रति सच्चे रहे।’’

बिरसा मुंडा के शुरुआती दिनों और आंदोलन में उनकी भागीदारी के अलावा, किताब नौ जून 1900 की सुबह मुंडा के निधन के बाद के समय के बारे में भी बताती है।

लेखकों ने लिखा है ‘‘रांची जेल के प्राधिकारियों के कड़े निर्देश में जेल के डॉक्टर ने बिरसा की मौत का कारण हैजा के तौर पर दर्ज किया। जो व्यक्ति बिरसा की देखरेख करता था, जो उनके लिए भोजन लाता था और जो उनकी मृत्यु का गवाह था, वह फिर रांची में कहीं नजर नहीं आया।’’

उन्हाोंने लिखा है कि बिरसा की देखभाल करने वाले व्यक्ति के इस तरह गायब होने से उनके समर्थकों को संदेह होना स्वाभाविक था। लेकिन तब कोई कुछ भी नहीं कर पाया।

लेखकों ने लिखा है ‘‘उनके समर्थकों का मानना था कि बिरसा को जेल में धीरे धीरे जहर दिया जा रहा था। उनकी हालत बिगड़ने के बाद भी जेलर द्वारा उन्हें चिकित्सा सहायता मुहैया कराने से इंकार करना इस धारणा को मजबूत बनाता है।’’

दोनों लेखकों ने मुंडा को भारत रत्न देने की पैरवी की है। मुंडा की 125वीं जयंती के अवसर 15 नवंबर 2000 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने बिहार के दक्षिणी जिलों से अलग कर झारखंड राज्य का गठन किया था।

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