देश की खबरें | सर्वेक्षण में एकल उपयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध का 83 प्रतिशत लोगों ने समर्थन किया

नयी दिल्ली, 11 जुलाई भारत के शहरों में एकल उपयोग प्लास्टिक (एसयूपी) पर प्रतिबंध को लेकर किए गए सर्वेक्षण में 83 प्रतिशत लोगों ने इसका समर्थन किया। इस सर्वेक्षण में 1.76 लाख लोगों ने भाग लिया। लोकेशन आधारित एक सोशल नेटवर्क एप्लीकेशन ने यह जानकारी दी।

‘पब्लिक ऐप’ के अनुसार, 62.8 प्रतिशत प्रतिभागियों का यह भी मानना है कि इस प्रतिबंध से उनके दिन- प्रतिदिन के जीवन में थोड़ी असुविधा होगी।

गौरतलब है कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत कुछ एसयूपी वस्तुओं के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसका उल्लंघन करने वाले पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना या पांच साल तक की जेल अथवा दोनों सजा दी जा सकती हैं।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने अगस्त 2021 में एकल-उपयोग प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध को अधिसूचित किया था और इसे एक जुलाई को लागू कर दिया गया।

‘पब्लिक ऐप’ के अनुसार, 83.06 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि वे चाहते हैं कि देश में यह कानून लागू किया जाए और वे समाज की भलाई के लिए ‘‘जीवन में बदलाव’’ करने के लिए तैयार हैं।

सर्वेक्षण में दिखाया गया, ‘‘हालांकि पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद अपेक्षाकृत महंगे मिलते हैं और इन विकल्पों को अपनाना कठिन कार्य प्रतीत होता है, लेकिन भारतीय इसे वहन करने के लिए तैयार हैं। करीब 80 प्रतिशत भारतीय पर्यावरण की रक्षा के लिए पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित उत्पादों को अपनाने के इच्छुक हैं।’’

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