देश की खबरें | बंगाल पंचायत चुनाव के लिए केंद्रीय बलों की 822 कंपनियों की मांग की गई: राज्य निर्वाचन आयोग
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने शुक्रवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय को सूचित किया कि उसने केंद्रीय बलों की 485 और कंपनियों की मांग की है।
कोलकाता, 23 जून राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने शुक्रवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय को सूचित किया कि उसने केंद्रीय बलों की 485 और कंपनियों की मांग की है।
एसईसी ने उच्च न्यायालय से कहा कि यह केंद्रीय बलों की 337 कंपनियों की इसके पहले की जा चुकी मांग के अतिरिक्त है।
उसने कहा कि पश्चिम बंगाल में आठ जुलाई को होने वाले पंचायत चुनाव के लिए इस तरह केंद्रीय बलों की कुल 822 कंपनियों की मांग की गई है।
मुख्य न्यायाधीश टी एस शिवज्ञानम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने एक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि एक हलफनामा दाखिल कर बताएं कि क्या उसने निष्पक्ष और स्वतंत्र पंचायत चुनाव कराने के संबंध में अदालत के आदेश का पालन किया या विभिन्न स्तरों पर आदेश पर अमल नहीं हो उस दिशा में कोशिश की गयी।
अवमानना याचिका में आरोप है कि आयोग ने उच्च न्यायालय के आदेशों की जानबूझकर अवज्ञा की।
एसईसी के वकील किशोर दत्ता ने पीठ के समक्ष कहा कि आयोग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र भेजकर केंद्रीय बलों की 485 और कंपनी को भेजने की मांग की है। उन्होंने बताया कि इससे पहले केंद्रीय बलों की 315 और 22 कंपनी की मांग की जा चुकी है।
अदालत ने 21 जून को एसईसी को निर्देश दिया था कि 2013 के पंचायत चुनाव में 82,000 जवान तैनात किये गये थे और इस बार उनसे अधिक जवानों की मांग की जाए।
अदालत ने कहा कि राज्य में जिलों की संख्या 2013 में 17 थी, जो अब बढ़कर 22 हो गयी है और 10 साल में मतदाताओं की संख्या भी बढ़ी है।
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