देश की खबरें | अरुणाचल प्रदेश में 50,000 मेगावाट जलविद्युत उत्पादन की क्षमता: धनखड़

ईटानगर, 26 फरवरी उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बुधवार को कहा कि अरुणाचल प्रदेश में 50,000 मेगावाट जलविद्युत उत्पादन की क्षमता है और भारत के ऊर्जा क्षेत्र के भविष्य में राज्य प्रमुख भूमिका निभा सकता है।

राज्य के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे धनखड़ कामले जिले के बोआसिमला में रहने वाले न्यिशी जनजाति के न्योकुम युलो समारोह में शामिल हुए।

उन्होंने वहां एक समारोह को संबोधित करते हुए आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में त्योहारों के महत्व का जिक्र किया।

धनखड़ ने आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण में उल्लेखनीय विकास का हवाला देते हुए भारत को दुनिया में सबसे तेजी से विकास करने वाला देश करार दिया।

धनखड़ ने कहा, ‘‘दशकों पहले भारत सरकार ने ‘लुक ईस्ट’ नीति शुरू की थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे ‘एक्ट ईस्ट’ नीति में बदल दिया और इस बात पर जोर दिया कि केवल अवलोकन करना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि निर्णायक कार्रवाई की जरुरत है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब कार्रवाई की जाती है तो हमें उल्लेखनीय विकास देखने को मिलता है। चाहे वह हवाई यात्रा हो, हवाई अड्डे हों, रेल संपर्क हो, सड़क नेटवर्क हो या फिर 4जी नेटवर्क हो। ये सभी चीजें अरुणाचल प्रदेश की प्रगति को दर्शाते हैं।’’

उपराष्ट्रपति ने कहा कि ये सभी उपलब्धियां भारत की अद्वितीय शक्ति को जाहिर करती हैं तथा उन्होंने नागरिकों से राष्ट्रवाद की भावना को कायम रखने का आग्रह किया।

उपराष्ट्रपति ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू के साथ बोआसिमला में एक बहुउद्देशीय ‘इनडोर हॉल’ का भी उद्घाटन किया।

उन्होंने विश्व की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली न्यिशी जनजाति की पहली महिला कबाक यानो को भी सम्मानित किया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)