ताजा खबरें | 28,648 पैक्स प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों के रूप में काम कर रहे : सरकार
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि देश के 18 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में 28,648 पैक्स प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों (पीएमकेएसके) के रूप में काम कर रहे हैं।
नयी दिल्ली, छह दिसंबर सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि देश के 18 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में 28,648 पैक्स प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों (पीएमकेएसके) के रूप में काम कर रहे हैं।
सहकारिता मंत्री अमित शाह ने एक सवाल के लिखित जवाब में उच्च सदन को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र का संचालन करने की अनुमति दी है ताकि किसानों को उर्वरक, कीटनाशक और संबंधित सेवाओं की सरल पहुंच सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा, ‘‘रिपोर्ट के अनुसार, 18 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में 28,648 पैक्स प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों के रूप में कार्यरत हैं। सरकार का लक्ष्य है कि सभी पैक्स में चरणबद्ध तरीके से पीएमकेएसके का संचालन शुरू किया जाये।’’
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में काम करते हुए पैक्स, किसानों के लिए गुणवत्ता पूर्ण उर्वरक, बीज, कृषि उपकरण, कीटनाशक आदि को एक ही छत के नीचे, प्रतिस्पर्धी मूल्यों पर प्रदान करने में मदद करेंगे।
शाह ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि प्राथमिक कृषि ऋण समितियों की व्यवहार्यता में सुधार और उनकी व्यावसायिक गतिविधियों में विविधता लाकर उन्हें पंचायत एवं ग्रामीण स्तर पर जीवंत आर्थिक संस्थाओं में बदलने के लिए सहकारिता मंत्रालय द्वारा आदर्श उप-नियम तैयार किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि आदर्श उप-नियम तैयार करने के लिए, नाबार्ड, राज्य सहकारी बैंकों, वैकुंठ मेहता राष्ट्रीय सहकारी प्रबंधन संस्थान, राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण परिषद आदि के प्रतिनिधियों के साथ एक राष्ट्रीय स्तरीय समिति का गठन किया गया था। समिति द्वारा तैयार आदर्श उप-नियमों का मसौदा 2022 में सभी हितधारकों को उनकी टिप्पणियों के लिए भेजा गया।
शाह ने कहा कि सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों सहित विभिन्न हितधारकों से 1,500 से अधिक सुझाव प्राप्त हुए, जिन्हें मॉडल उपनियमों के मसौदे में उपयुक्त रूप से शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि प्राप्त सुझावों को शामिल करने के उपरांत, पांच जनवरी, 2023 को आदर्श उप-नियमों को परिचालित कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि 31 राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश आदर्श उप-नियमों को अपना चुके हैं।
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