देश की खबरें | छह राज्यों की अधीनस्थ न्यायपालिका में न्यायिक अधिकारियों के 26 प्रतिशत पद खाली
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नयी दिल्ली, 20 जनवरी उच्चतम न्यायालय को अवगत कराया गया है कि छह राज्यों की अधीनस्थ न्यायपालिका में न्यायिक अधिकारियों के स्वीकृत 7,881 पदों में से 26 प्रतिशत से अधिक रिक्त पड़े हैं।
मध्य प्रदेश की अधीनस्थ न्यायपालिका में 2,021 न्यायिक अधिकारियों के स्वीकृत पद हैं जिनमें से 671 खाली हैं, जबकि 929 अधिकारियों के स्वीकृत पद वाले आडिशा में 174 पद रिक्त हैं।
अधीनस्थ न्यायपालिका में रिक्तियों को भरने से संबंधित मामले में चार न्यायमित्रों में से एक, वरिष्ठ अधिवक्ता विजय हंसारिया की ओर से शीर्ष अदालत में दायर हलफनामे में ओडिशा, मध्य प्रदेश, बिहार, तमिलनाडु, पंजाब और हरियाणा में ऐसी रिक्तियों और आवश्यक बुनियादी ढांचों की स्थिति रिपोर्ट दी गयी है।
हंसारिया और अधिवक्ता स्नेहा कलिता द्वारा दायर रिपोर्ट में कहा गया है कि बिहार में 2016 स्वीकृत पदों के मुकाबले 449 रिक्तियां हैं और तमिलनाडु में 1340 स्वीकृत पदों में से 272 न्यायिक अधिकारियों के पद खाली पड़े हैं।
पंजाब में अधीनस्थ अदालतों के न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 797 है, जबकि रिक्तियां 209 और हरियाणा में स्वीकृत पद 778 और रिक्तियां 308 पदों की हैं।
शीर्ष अदालत ने बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई के दौरान हलफनामे को रिकॉर्ड में लिया था।
हंसारिया ने कहा कि उच्च न्यायालय और राज्य सरकार को एक समय सीमा के भीतर एक संयुक्त बैठक आयोजित करने और शीर्ष अदालत को एक रिपोर्ट के माध्यम से उठाए गए कदमों का विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जा सकता है।
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