देश की खबरें | 2020 दंगे: प्राथमिकी के साथ ‘गलत तरीके से’ 27 शिकायतों को संबद्ध करने पर दिल्ली पुलिस को फटकार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 2020 के दंगों के दौरान दंगा और आगजनी की अलग-अलग घटनाओं की 27 शिकायतों को ‘‘गलत तरीके से और लापरवाही पूर्वक’’ ढंग से पहले से दर्ज एक प्राथमिकी के साथ संबद्ध करने को लेकर बुधवार को दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई तथा एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि अतिरिक्त शिकायतों की ठीक से पड़ताल की जाए।
नयी दिल्ली, सात जून राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 2020 के दंगों के दौरान दंगा और आगजनी की अलग-अलग घटनाओं की 27 शिकायतों को ‘‘गलत तरीके से और लापरवाही पूर्वक’’ ढंग से पहले से दर्ज एक प्राथमिकी के साथ संबद्ध करने को लेकर बुधवार को दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई तथा एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि अतिरिक्त शिकायतों की ठीक से पड़ताल की जाए।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचला का यह आदेश तीन लोगों को बरी करते हुए आया, जिन्हें मूल प्राथमिकी में आरोपी के रूप में नामित किया गया था, जिसमें दंगा और आगजनी के अपराधों से संबंधित 27 शिकायतों को जोड़ा गया था।
अकील अहमद, रहीश खान और इरशाद पर दंगों के दौरान 24 फरवरी, 2020 को चंदू नगर में शिकायतकर्ता की दुकान लूटने और उसमें आग लगाने वाली उग्र भीड़ का हिस्सा होने का आरोप लगाया गया था। न्यायाधीश ने कहा कि इन आरोपियों के खिलाफ संदेह से परे आरोप साबित नहीं हुए हैं।
अदालत ने 27 शिकायतों को मुख्य प्राथमिकी के साथ जोड़ने और अतिरिक्त शिकायतों की दिल्ली पुलिस की अनुचित एवं अपर्याप्त जांच की कड़ी आलोचना भी की।
इसने कहा, ‘‘यह भी स्पष्ट है कि वर्तमान प्राथमिकी में उन शिकायतों को जोड़ने के लिए आईओ (जांच अधिकारी) के पास कोई तार्किक आधार नहीं था और यह प्रतीत होता है कि ऐसा बहुत ही लापरवाह तरीके से किया गया है। इसलिए, मुझे लगता है कि इन सभी शिकायतों को गलत तरीके से वर्तमान प्राथमिकी में जोड़ दिया गया है और इसकी जांच नहीं की गई है।’’
नतीजतन, इसने "उचित और पूर्ण जांच" के उद्देश्य से अतिरिक्त शिकायतों की आगे पड़ताल के लिए मामले को पुलिस उपायुक्त (उत्तर-पूर्वी जिला) को वापस भेज दिया।
प्राथमिकी के गुण-दोष पर अदालत ने कहा कि तीनों आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप संदेह से परे साबित नहीं हुए।
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