देश की खबरें | 2020 दिल्ली दंगे: अदालत यूएपीए के तहत दर्ज मामलों की 11 सितंबर से रोज़ सुनवाई करेगी

नयी दिल्ली, पांच अगस्त राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों के पीछे कथित ‘बड़ी साजिश’ से जुड़े यूएपीए के तहत दर्ज मामलों में 11 सितंबर से रोज़ाना आधार पर दलीलें सुनेगी।

दंगा भड़काने की साजिश में संलिप्तता के आरोप में 20 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें कार्यकर्ता शरजील इमाम, उमर खालिद, खालिद सैफी और आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन शामिल हैं।

इस मामले में दो आरोपियों सुलेमान सिद्दीकी और अमानुल्लाह को भगोड़ा घोषित किया गया है।

अतिक्ति सत्र न्यायाधीश (एएसजे) अमिताभ रावत ने शनिवार को पारित आदेश में कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 207 (आरोपियों को पुलिस रिपोर्ट की प्रति और अन्य दस्तावेजों देना) के तहत आरोपपत्र में शामिल सभी आरोपियों की दस्तावेज़ उपलब्ध करा दिए गए हैं और आरोपों पर 11 सितंबर 2023 से रोज़ाना सुनवाई होगी।

न्यायाधीश ने कहा कि विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) 11 सितंबर को बहस शुरू करेंगे और सभी आरोपियों को सुनवाई के दौरान उपस्थित होना होगा। दिल्ली पुलिस की ओर से एसपीपी अमित प्रसाद पेश होंगे।

एएसजे रावत ने कहा, "संबंधित जांच अधिकारी (आईओ) सुनवाई की अगली तारीख पर उपस्थित रहेंगे।"

उन्होंने कहा कि आदेश की एक प्रति पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा और अन्य को भेजी जाए।

दिल्ली पुलिस ने 14 जून को मामले में अपना पांचवां पूरक आरोप पत्र दाखिल किया था।

आरोपियों पर आतंकवाद विरोधी गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता, लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।

ये मामले अपराध शाखा ने दर्ज किए थे और इनकी जांच दिल्ली पुलिस का विशेष प्रकोष्ठ कर रहा है।

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