क्षेत्रीय सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल कॉर्लेटो विनलुआन ने बताया कि सुलू प्रांत के जोलो शहर में विस्फोट में सैनिकों, पुलिसकर्मियों और नागरिकों समेत कम से कम 75 लोग घायल हो गए।
यह हमला ऐसे वक्त हुआ है जब सरकार का सारा ध्यान कोरोना वायरस महामारी से निपटने की ओर लगा हुआ है ।
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विनलुआन ने बताया कि पहले हमले में सेना के दो ट्रकों और एक कंप्यूटर दुकान के नजदीक एक मोटरसाइकिल में विस्फोट किया गया।
विनलुआन ने संवाददाताओं से कहा कि वाहन में आईईडी लगाकर विस्फोट किया गया।
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वहीं, निकट ही एक घंटे बाद एक दूसरा विस्फोट हुआ। इस विस्फोट को संभवत: एक महिला आत्मघाती हमलावर ने अंजाम दिया। इसमें आत्मघाती हमलावर और एक सैनिक, एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई। कुछ लोग घायल हो गए ।
क्षेत्र में सुरक्षा के लिए जवानों की तैनाती की गयी। घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया।
बाजार में एक बम भी मिला। यह बम फटा नहीं था। सुरक्षाकर्मियों और पुलिसकर्मियों ने क्षेत्र की घेराबंदी कर दी।
इस साल हुआ यह सबसे भीषण हमला है।
राष्ट्रपति के प्रवक्ता हेरी रोक्यू ने हमले की कड़ी निंदा की।
हमले की किसी ने भी जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन सेना ने अबू सयाफ कमांडर मुंडी सवदजान को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है ।
सैन्य अधिकारियों ने पिछले सप्ताह कहा था कि सवदजान ने सुलू में हमले के लिए दो महिला फिदायीन को तैनात किया है। सेना के जवान उनकी तलाश के लिए अभियान चला रहे थे ।
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