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देश की खबरें | जलगांव ट्रेन दुर्घटना में जान गंवाने वाले 12 लोगों की पहचान हुई, मरने वालों में सात नेपाली : पुलिस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महाराष्ट्र के जलगांव रेल दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बृहस्पतिवार को 12 हो गई। अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि शुरू में एक सिर और धड़ जो अलग-अलग व्यक्तियों का माना जा रहा था, दरअसल एक ही व्यक्ति का निकला।

देश की खबरें | जलगांव ट्रेन दुर्घटना में जान गंवाने वाले 12 लोगों की पहचान हुई, मरने वालों में सात नेपाली : पुलिस

मुंबई, 23 जनवरी महाराष्ट्र के जलगांव रेल दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बृहस्पतिवार को 12 हो गई। अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि शुरू में एक सिर और धड़ जो अलग-अलग व्यक्तियों का माना जा रहा था, दरअसल एक ही व्यक्ति का निकला।

राज्य सरकार के एक अधिकारी ने पहले बताया था कि दुर्घटना स्थल पर पटरियों के किनारे एक महिला का क्षत विक्षत शव बरामद होने के बाद दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई।

पुलिस ने बताया कि एक व्यक्ति ने अंगों की पहचान करते हुए बताया कि ये हिस्से उसकी मां के हैं।

दुर्घटना उत्तरी महाराष्ट्र के जलगांव जिले में बुधवार शाम हुई। मुंबई जा रही पुष्पक एक्सप्रेस में चेन खींचने की घटना के बाद कुछ यात्री ट्रेन से नीचे उतरे थे, और वह विपरीत दिशा से आ रही दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गए।

पुलिस ने बताया, “सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जलगांव) ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि मृतकों की कुल संख्या 12 है, क्योंकि धड़ और शरीर एक ही मृतक (महिला) के हैं, जिसकी पहचान उसके बेटे ने की है।”

अधिकारी ने बताया कि सभी शवों की पहचान कर ली गई है और उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया है।

रेलवे बोर्ड ने बृहस्पतिवार को बताया कि रेलवे के पांच वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने ट्रेन दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है।

उन्होंने बताया कि दुर्घटना में जान गंवाने वालों में सात नेपाल के नागरिक थे।

लच्छीराम खतरू पासी उन सात लोगों में से एक थे। उनके परिवार को न केवल उनकी मौत का दुख झेलना पड़ा, बल्कि उन्हें क्षत-विक्षत शव से उनकी पहचान करने की अत्यंत दर्दनाक प्रक्रिया से भी गुजरना पड़ा।

दुर्घटना में जीवित बचे पासी के साथियों ने बताया कि किस तरह वे खुद को बचाने के लिए दो ट्रेनों के बीच की तंग जगह में सिमटे रहे।

इससे पहले, चार नेपाली पीड़ितों की पहचान मुंबई के कोलाबा की निवासी कमला नवीन भंडारी (43), ठाणे के भिवंडी में रहने वालीं जवाकला भाटे (60), लच्छीराम खतरू पासी (40) और इम्तियाज अली (11) के रूप में हुई थी।

अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची में यह जानकारी दी गई थी।

जलगांव में रहने वाले पासी के भतीजे रामरंग पासी ने बताया कि उनके चाचा नेपाल के बांके जिले के नारायणपुर के रहने वाले थे और उनकी उम्र 50 वर्ष के आसपास थी।

रामरंग ने ‘पीटीआई-’ को बताया, "उनके हाथ और पैर के कुछ हिस्से नहीं मिले हैं।"

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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 23, 2025 09:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).