जरुरी जानकारी | चार रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का ठेका पाने की होड़ में हैं नौ कंपनियां

नयी दिल्ली, 16 जुलाई देश के चार बड़े रेलवे स्टेशनों ‘नागपुर, ग्वालियर, अमृतसर और साबरमती’ के पुनर्विकास के ठेके पाने की होड़ में नौ कंपनियां शामिल हैं। भारतीय रेल स्टेशन विकास निगम लिमिटेड ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी।

निगम ने कहा कि इन स्टेशनों का पुनर्विकास सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत करीब 1,300 करोड़ रुपये में किया जायेगा।

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इनके ठेके पाने के लिये नौ कंपनियों ‘जेकेबी इंफ्रास्ट्रक्चर, जीएमआर बिजनेस एंड कंसल्टेंसी फर्म एलएलपी, आईएसक्यू एशिया इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट, कल्पतरु पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड, एंकरेज इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट होल्डिंग्स लिमिटेड, मोंटे कार्लो लिमिटेड, कल्याण टोल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, जीआर इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड और क्यूब कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग’ ने 29 अलग-अलग आवेदन किये हैं।

साबरमती स्टेशन के लिये नौ, ग्वालियर के लिये आठ और नागपुर तथा अमृतसर स्टेशनों के लिये छह-छह कंपनियों ने आवेदन किये हैं।

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ये चार स्टेशन सरकार द्वारा गठित सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति की सैद्धांतिक मंजूरी पाने वाली पहली रेलवे परियोजनाएं हैं।

भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम लिमिटेड ने इन चार रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास और उन्हें प्रतिष्ठित शहर केंद्रों में बदलने के लिये दिसंबर 2019 में आरएफक्यू (पात्रता के लिये अनुरोध) आमंत्रित किया था। आईआरएसडीसी ने 26 जून को इन आवेदनों को खोला था। तब उसे 32 डेवलपर्स और कोषों से आवेदन मिले थे। इन आवेदनों की जांच परख की गई जिसमें से 29 आवेदनों को अगले स्तर के लिये उपयुक्त पाया गया।

इन चार स्टेशनों के विकास के लिये कुल सांकेतिक लागत करीब 1,300 करोड़ रुपये आंकी गई है। इनमें वाणिज्यिक विकास के लिये कुल निर्मित क्षेत्र 54 लाख वर्गफुट होगा। इनके लिये भूमि उपयोग बदलाव और पर्यावरण मंजूरी की आवश्यकता नहीं है क्योंकि ये रेलवे अधिनियम 1989 के तहत चलने वाली रेलवे परियोजनायें हैं।

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