पीएम मोदी का असर: UN ने पाकिस्तान को दिया बड़ा झटका, हाफिज सईद की अपील को किया खारिज
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध समिति को जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर पर पाबंदी लगाने का एक नया अनुरोध प्राप्त हुआ है.
संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों (2008 Mumbai Terror Attack) के मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा (JuD) के प्रमुख हाफिज सईद (Hafiz Saeed) की वह अपील खारिज कर दी है जिसमें उसने प्रतिबंधित आतंकवादियों की सूची से अपना नाम हटाने की गुहार लगाई थी. सरकारी सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी. गौरतलब है कि यह फैसला ऐसे समय में आया है जब संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध समिति को जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर पर पाबंदी लगाने का एक नया अनुरोध प्राप्त हुआ है.
बीते 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए फिदाइन हमले में बल के 40 जवानों की शहादत के बाद संयुक्त राष्ट्र की समिति से अजहर पर पाबंदी लगाने की मांग की गई है. पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी.
सूत्रों ने बताया कि आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के भी सह-संस्थापक सईद की अपील संयुक्त राष्ट्र ने तब खारिज की जब भारत ने उसकी गतिविधियों के बारे में विस्तृत साक्ष्य मुहैया कराए. साक्ष्यों में ‘‘अत्यंत गोपनीय सूचनाएं’’ भी शामिल थीं. उन्होंने कहा कि इस हफ्ते की शुरुआत में सईद के वकील हैदर रसूल मिर्जा को वैश्विक संस्था के इस फैसले से अवगत करा दिया गया.
संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित जमात-उद-दावा के मुखिया सईद पर 10 दिसंबर 2008 को पाबंदी लगाई थी. मुंबई हमलों के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उसे प्रतिबंधित किया था. मुंबई हमलों में 166 लोग मारे गए थे. सईद ने 2017 में लाहौर स्थित कानूनी फर्म ‘मिर्जा एंड मिर्जा’ के जरिए संयुक्त राष्ट्र में एक अपील दाखिल की थी और पाबंदी खत्म करने की गुहार लगाई थी. अपील दाखिल करते वक्त वह पाकिस्तान में नजरबंद था.
सूत्रों ने बताया कि स्वतंत्र लोकपाल डेनियल किपफर फासियाटी ने सईद के वकील को सूचित किया है कि उसके अनुरोध के परीक्षण के बाद यह फैसला किया गया है कि वह ‘‘सूचीबद्ध व्यक्ति के तौर पर बरकरार’’ रहेगा. संयुक्त राष्ट्र ने ऐसे सभी अनुरोधों के परीक्षण के लिए डेनियल की नियुक्ति की है. उन्होंने बताया कि लोकपाल ने सिफारिश की कि सारी सूचनाएं इकट्ठा करने के बाद यह तय किया गया है कि पाबंदी जारी रहेगी, ‘‘क्योंकि (प्रतिबंध) सूची में बनाए रखने के लिए एक तार्किक एवं विश्वसनीय आधार प्रदान करने के लिए पर्याप्त सूचनाएं हैं.’’ संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध समिति ने लोकपाल की सिफारिश का समर्थन किया है. यह भी पढ़ें- अमेरिकी सीनेटर मार्था मैकसेली ने किया खुलासा, वायु सेना में रहने के दौरान हुई थी बलात्कार की शिकार
सूत्रों ने बताया कि भारत के साथ-साथ अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे उन देशों ने भी सईद के अनुरोध का विरोध किया जिन्होंने मूल रूप से उसे प्रतिबंध सूची में डाला था. पाकिस्तान ने सईद की अपील का कोई विरोध नहीं किया, जबकि पड़ोसी देश में इमरान खान की अगुवाई वाली नई सरकार दावा करती है कि वह ‘‘नया पाकिस्तान’’ में प्रतिबंधित आतंकवादियों और उनके संगठनों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है.
भाषा इनपुट
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 07, 2019 05:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

