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टैरिफ वॉर: यूरोप पर ट्रंप ने लगाया 30 फीसदी टैरिफ

टैरिफ पर यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत बेनतीजा रही.

टैरिफ वॉर: यूरोप पर ट्रंप ने लगाया 30 फीसदी टैरिफ
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

टैरिफ पर यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत बेनतीजा रही. इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यूरोप और मेक्सिको पर 30 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की है.अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने 1 अगस्त से यूरोपीय संघ (ईयू) से आने वाले सभी उत्पादों पर 30 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की है. इस बात की जानकारी उन्होंने शनिवार को अपने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ट्रूथ पर दी. ट्रंप के टैरिफ वॉर से बचने के लिए ईयू और अमेरिका के बीच जारी वार्ता के विफल होने के बाद ट्रंप ने यह एलान किया. ईयू के साथ साथ उन्होंने मेक्सिको पर भी 30 फीसदी टैरिफ लगाने की जानकारी दी है.

अपने पोस्ट में ट्रंप ने लिखा कि ईयू के साथ व्यापारिक रिश्ते, दुर्भाग्यवश, पारस्परिकता से बहुत दूर हैं. इसलिए अमेरिका ईयू पर सिर्फ 30 फीसदी टैरिफ लगाएगा. उन्होंने यह भी लिखा कि यूरोप के साथ व्यापार घाटे को कम करने के लिए जितने टैरिफ की जरूरत है, 30 फीसदी उसके मुकाबले बेहद कम है.

हालांकि, ट्रंप ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेय लाएन को संबोधित करते हुए लिखा कि अगर यूरोपीय संघ अमेरिका के अंदर ही उत्पादन करने को तैयार हो जाए तो इस टैरिफ को हटाया जा सकता है.

ट्रंप के टैरिफ वॉर पर यूरोप का जवाब

30 फीसदी टैरिफ पर उर्सुला फॉन डेय लाएन ने कहा है कि ईयू अपने आर्थिक हितों का बचाव करने के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार है. उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर ईयू अमेरिकी टैरिफ के खिलाफ कदम भी उठा सकता है.

जर्मनी की आर्थिक मंत्री कैथरीन राइष ने चेताया है कि अमेरिकी टैरिफ यूरोप की निर्यातक कंपनियों पर बुरी तरह प्रभावित कर सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इसका असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था और ग्राहकों पर भी पड़ेगा. उन्होंने इस मुद्दे पर जल्द ही व्यावहारिक नतीजों पर पहुंचने की अपील की है.

फ्रांस के राष्ट्रपति एमानुएल माक्रों ने एक्स पर लिखा, "फ्रांस यूरोपीय आयोग के बयान के साथ खड़ा है और अमेरिका के लगाए गए 30 फीसदी टैरिफ की आलोचना करता है. आज आयोग के लिए यूरोप की एकता के साथ, यूरोप के हितों की रक्षा करना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है."

इटली की मेलोनी सरकार ने इस कदम पर कहा है कि वो यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर चल रही वार्ता पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और इस मसले पर वह यूरोपीय आयोग के साथ हैं.

कहां जाकर रुकेगा ट्रंप का टैरिफ वॉर

राष्ट्रपति का कार्यभार संभालने के बाद से ही ट्रंप आए दिन अलग-अलग देशों में टैरिफ लगाने की घोषणा करते रहे हैं. उनका तर्क है कि ऐसा करके वह बाकी देशों के साथ अमेरिका के व्यापार घाटे को कम कर रहे हैं. यूरोपीय संघ पर टैरिफ लगाने से पहले उन्होंने बीते हफ्तेकनाडा पर भी 35 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की थी. उनके इस फैसले के बाद पूरा अंदेशा था कि वह ऐसी ही कोई घोषणा ईयू के लिए भी कर सकते हैं.

यूरोपीय संघ अमेरिका के साथ अपने व्यापारिक रिश्तों के दुनिया में सबसे अहम व्यापारिक रिश्तों के रूप में परिभाषित करता है. यूरो स्टैट के आंकड़ों के मुताबिक 2024 में यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच उत्पादों और सेवाओं का व्यापार 1.7 ट्रिलियन यूरो के करीब था. औसतन हर दिन दोनों के बीच 4.6 बिलियन यूरो का व्यापार हुआ. यूरोपीय संघ अमेरिका को वाइन, कार, एयरक्राफ्ट, मेडिकल उपकरण, केमिकल, वाइन जैसे उत्पाद सबसे अधिक निर्यात करता है.

कितनी प्रभावित होगी ईयू की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

यूरोपीय संघ की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी पर भी ट्रंप के इस फैसले का असर देखने को मिल सकता है. जर्मनी, अमेरिका को ऑटोमोबाइल, रसायन, स्टील और मशीनें निर्यात करता है. इस वक्त अमेरिका के साथ जर्मनी का ट्रेड सरप्लस 84.8 अरब डॉलर का है.

उदाहरण के तौर पर जर्मन कार कंपनी मर्सिडीज की 23 फीसदी आय अमेरिका से आती है. ट्रंप की घोषणा के बाद जर्मन कंपनियों के संघ ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और कहा कि ईयू और अमेरिका को साथ मिलकर जल्द ही कोई हल खोजना चाहिए.

वहीं, इटली और फ्रांस के फूड और वाइन सेक्टर के सबसे अधिक प्रभावित होने की उम्मीद जताई जा रही है. आयरलैंड, अमेरिकी को सबसे अधिक दवाइयां निर्यात करता है. फाइजर, जॉनसन एंड जॉनसन जैसी कई अमेरिकी दवा कंपनियां आयरलैंड में मौजूद हैं. आर्थिक विशेषज्ञों के मुताबिक जर्मनी के बाद आयरलैंड इससे सबसे अधिक प्रभावित हो सकता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 13, 2025 01:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).