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Sudan Rain and Flood: सूडान में बारिश और बाढ़ ने मचाई तबाही, अब तक 114 लोगों की मौत

सूडान में बारिश और बाढ़ से मरने वालों की संख्या 138 हो गई है. सूडान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अब तक 10 राज्यों में भारी बारिश के कारण 138 लोगों की मौत हुई है.

Sudan Rain and Flood: सूडान में बारिश और बाढ़ ने मचाई तबाही, अब तक 114 लोगों की मौत
प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo: X)

खार्तूम, 28 अगस्त : सूडान में बारिश और बाढ़ से मरने वालों की संख्या 138 हो गई है. सूडान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अब तक 10 राज्यों में भारी बारिश के कारण 138 लोगों की मौत हुई है. मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा, "बारिश के कारण कुल 138 मौतें दर्ज की गई हैं, जबकि 31,666 परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. जिनमें 129,650 से अधिक लोग शामिल हैं. इसके अलावा 12,420 घर पूरी तरह से ढह गए हैं.”

इस बीच, बारिश और बाढ़ से प्रभावित सूडान के पांच राज्यों में हैजा के 102 नए मामले दर्ज किए गए हैं. इसके अलावा पांच लोगों की मौत भी हुई है. यहां एक्टिव मामले 1,223 हैं और आठ लोगों की मौत हुई है. सूडान में बाढ़ एक प्रमुख समस्या है. यहां आमतौर पर जून और अक्टूबर के बीच बाढ़ की समस्या का सामना करना पड़ता है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण जान-माल का काफी नुकसान हुआ है और कृषि भूमि को भी नुकसान पहुंचा है. यह भी पढ़ें : डोनाल्ड ट्रंप -कमला हैरिस 10 सितंबर को होने वाली प्रेजिडेंशियल डिबेट में माइक बंद रखने पर हुए राजी

इस साल बारिश के मौसम ने सूडान में मानवीय संकट को और बढ़ा दिया है, जो पहले से ही सूडानी सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के बीच घातक संघर्ष से जूझ रहा है. 15 अप्रैल, 2023 के बाद से, संघर्ष ने सूडान के अंदर ही लाखों लोगों को विस्थापित कर दिया है और सैकड़ों हजारों को पड़ोसी देशों में भागने के लिए मजबूर कर दिया है.

संयुक्त राष्ट्र के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, सूडान में लगभग 10.7 मिलियन लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हैं, जिनमें से लगभग 2.2 मिलियन लोग विदेशों में शरण ले रहे हैं. शनिवार को काफी मात्रा में बारिश होने से लाल सागर के तट पर स्थित पोर्ट सूडान के उत्तर में अरबत क्षेत्र में बाढ़ आ गई. जलस्तर बढ़ने से अरबत बांध टूट गया और कई गांव बह गए हैं. इस बांध का निर्माण 2003 में किया गया था. ताकि सूखे की समस्या से निजात मिल सके. लेकिन, बीते कई सालों से इस बांध का रखरखाव नहीं किया गया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 28, 2024 12:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).