Sheikh Hamad Bin Khalifa Al Thani Dies: कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का निधन, 74 साल की उम्र में ली अंतिम सांस; 'फादर अमीर' के नाम से थे मशहूर
कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. कतर के शाही घराने (अमीरी दीवान) ने रविवार सुबह उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि की है. उन्होंने 1995 से 2013 तक कतर पर शासन किया था.
Sheikh Hamad Bin Khalifa Al Thani Dies: खाड़ी देश कतर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. कतर के पूर्व शासक (अमीर) शेख हमद बिन खलीफा अल थानी (Sheikh Hamad bin Khalifa Al Thani) का रविवार सुबह 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. कतर के आधिकारिक प्रशासनिक कार्यालय 'अमीरी दीवान' ने एक बयान जारी कर इस दुखद समाचार की पुष्टि की है. उन्हें कतर में 'फादर अमीर' के नाम से भी जाना जाता था.
अमीरी दीवान ने व्यक्त किया गहरा शोक
कतर के अमीरी दीवान द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है, "अल्लाह के फैसले को स्वीकार करते हुए हम पूरे देश को गहरे दुख के साथ सूचित कर रहे हैं कि हमारे पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का आज सुबह निधन हो गया है. अल्लाह दिवंगत आत्मा को अपनी असीम दया और क्षमा प्रदान करे और उन्हें जन्नत में स्थान दे." उनके निधन की घोषणा के बाद देश में शोक की लहर है. यह भी पढ़े: Sathyendra Dies: तमिल अभिनेता और यूट्यूबर सत्येंद्र का 65 साल की उम्र में चेन्नई के एक सरकारी अस्प्ताल में निधन, पार्थिव शरीर अब तक कोई लेने नही आया
कतर को वैश्विक मंच पर दिलाई नई पहचान
शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का कार्यकाल कतर के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. उन्होंने साल 1995 से लेकर 2013 तक कुल 18 वर्षों तक कतर पर शासन किया. उनके नेतृत्व में ही कतर ने अपनी प्राकृतिक गैस (LNG) संपदा का सही उपयोग कर एक छोटे से द्वीप को दुनिया के सबसे अमीर और आर्थिक रूप से शक्तिशाली देशों की कतार में खड़ा कर दिया.
उनके शासनकाल के दौरान ही कतर ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, मीडिया (अल जजीरा नेटवर्क की स्थापना) और वैश्विक निवेश में कदम रखा. इसके अलावा, साल 2022 में कतर में आयोजित हुए ऐतिहासिक फीफा विश्व कप की मेजबानी की नींव भी उनके ही दूरदर्शी फैसलों के कारण रखी गई थी.
बेटे के पक्ष में स्वेच्छा से छोड़ी थी गद्दी
साल 2013 में शेख हमद बिन खलीफा ने एक ऐतिहासिक और अप्रत्याशित फैसला लेते हुए स्वेच्छा से अपनी सत्ता अपने बेटे और वर्तमान अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सौंप दी थी. खाड़ी देशों के राजशाही इतिहास में इस तरह स्वेच्छा से शांतिपूर्ण ढंग से सत्ता का हस्तांतरण करना एक दुर्लभ उदाहरण माना जाता है. गद्दी छोड़ने के बाद से ही उन्हें 'फादर अमीर' की उपाधि दी गई थी.
शाही कार्यालय द्वारा फिलहाल उनके निधन के सटीक कारणों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और खाड़ी देशों के नेताओं ने उनके निधन पर कतर सरकार और शोक संतप्त शाही परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं.