Earthquake in Italy: इटली के कैलाब्रिया तट पर 6.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, सिसिली और पुगलिया सहित कई प्रांतों में महसूस किए गए झटके
इटली के दक्षिणी कैलाब्रिया तट पर मंगलवार तड़के 6.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. भूकंप का केंद्र समुद्र में गहराई पर होने के कारण फिलहाल किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन इसके झटके सिसिली, कैम्पानिया और पुगलिया तक महसूस किए गए.
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Earthquake in Italy: दक्षिणी इटली के कैलाब्रिया (Calabria) क्षेत्र में मंगलवार तड़के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 6.1 मापी गई है. इटली के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ जियोफिक्स एंड वोल्केनोलॉजी (INGV) के अनुसार, यह भूकंप स्थानीय समयानुसार रात 12:12 बजे आया. राहत की बात यह है कि शुरुआती रिपोर्टों में किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है.
समुद्र के भीतर था भूकंप का केंद्र
भूवैज्ञानिकों के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र दक्षिणी कैलाब्रिया क्षेत्र के तट के पास समुद्र के भीतर स्थित था. यूरो-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र (EMSC) के आंकड़ों के अनुसार, यह रेजियो कैलाब्रिया (Reggio Calabria) के तट से लगभग 62 किलोमीटर दूर था. यह भी पढ़े: Earthquake In Meghalaya: मेघालय के वेस्ट खासी हिल्स में महसूस किए गए भूकंप के हल्के झटके, 2.8 मापी गई तीव्रता
इस भूकंप की गहराई को लेकर अलग-अलग डेटा सामने आए हैं. INGV ने इसकी गहराई लगभग 250 किलोमीटर बताई है, जबकि EMSC ने इसे 58 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया है. आमतौर पर अधिक गहराई पर आने वाले भूकंपों से सतह पर तबाही का खतरा कम हो जाता है.
कई राज्यों में महसूस किए गए झटके
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने स्थानीय मीडिया के हवाले से बताया कि भूकंप का असर कैलाब्रिया के अलावा सिसिली (Sicily), कैम्पानिया (Campania) और पुगलिया (Puglia) जैसे पड़ोसी प्रांतों में भी देखा गया. झटके महसूस होते ही कई इलाकों में लोग घरों से बाहर निकल आए.
इतालवी निगरानी केंद्रों के अनुसार, पिछले एक हफ्ते के दौरान सिसिली के समुद्री क्षेत्रों में लगातार आ रहे हल्के झटकों की श्रृंखला में यह अब तक का सबसे शक्तिशाली भूकंप है. स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाएं स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं.
इटली में क्यों आते हैं इतने भूकंप?
भौगोलिक दृष्टि से इटली को यूरोप का सबसे संवेदनशील और भूकंप-प्रवण (Earthquake-prone) देश माना जाता है. इसका मुख्य कारण इसकी टेक्टोनिक बनावट है.
इटली सीधे तौर पर यूरेशियन (Eurasian) और अफ्रीकन (African) टेक्टोनिक प्लेटों की बेहद जटिल टकराव सीमा (Collision boundary) पर स्थित है. इन प्लेटों के आपस में टकराने और दबाव बनने के कारण इस क्षेत्र में लगातार भूगर्भीय हलचल होती रहती है.
हालिया दिनों में बढ़ीं भूगर्भीय गतिविधियां
यह क्षेत्र पिछले कुछ महीनों से लगातार सिस्मिक एक्टिविटी (Seismic activity) का सामना कर रहा है. इस साल की शुरुआत में भी कुछ महत्वपूर्ण घटनाएं दर्ज की गईं:
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मार्च 2026: नेपल्स (Naples) के तट के पास 375 से 381 किलोमीटर की गहराई पर एक बेहद गहरा और शक्तिशाली भूकंप आया था. भूवैज्ञानिकों ने इसे इस विशेष क्षेत्र में पिछले एक दशक का सबसे बड़ा डीप-अर्थ फ्रैक्चर माना था, जिसने वहां के ज्वालामुखी सिस्टम में दबाव तरंगें भेज दी थीं.
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जनवरी 2026: आयोनियन सागर (Ionian Sea) में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसने इटली के दक्षिणी छोर के साथ-साथ माल्टा (Malta) के बड़े हिस्से को भी हिलाकर रख दिया था. उस दौरान इतालवी उपकरणों के साथ-साथ यूनिवर्सिटी ऑफ माल्टा के सिस्मिक मॉनिटरिंग ग्रुप ने भी इसे तुरंत रिकॉर्ड किया था.
फिलहाल कैलाब्रिया तट पर आए इस ताजा भूकंप के बाद तटीय इलाकों में सुरक्षा आकलन किया जा रहा है और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 02, 2026 08:13 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

