Israel Hamas War: गाजा में 'कोई सुरक्षित क्षेत्र नहीं', बढ़ते संक्रमण से मानवीय संकट बढ़ा

गाजा पट्टी में फिलहाल 'कोई सुरक्षित क्षेत्र' नहीं है. इजरायल ने हमास को खत्म करने की शपथ ली है. गाजा पट्टी कभी 23 लाख लोगों का घर थी. इज़रायल अब गज़ावासियों को ऐसे क्षेत्र में ठूंसकर भर रहा है जो हीथ्रो हवाई अड्डे से बड़ा (6.5 वर्ग किमी) भी नहीं है.

Israel-Hamas War | Photo: X

नई दिल्ली, 10 दिसंबर : गाजा पट्टी में फिलहाल 'कोई सुरक्षित क्षेत्र' नहीं है. इजरायल ने हमास को खत्म करने की शपथ ली है. गाजा पट्टी कभी 23 लाख लोगों का घर थी. इज़रायल अब गज़ावासियों को ऐसे क्षेत्र में ठूंसकर भर रहा है जो हीथ्रो हवाई अड्डे से बड़ा (6.5 वर्ग किमी) भी नहीं है. यह युद्ध 7 अक्टूबर को इज़रायल पर हमास के हमले के बाद शुरू हुआ, जिसमें कम से कम 1,300 इज़रायली मारे गए और 200 से अधिक बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को बंधक बना लिया गया था.

हमास के साथ एक दिसंबर को समाप्त हुए अस्थायी युद्धविराम के बाद इजरायल ने गाजा पर बमबारी फिर से शुरू कर दी है. युद्धविराम के दौरान, हमास ने कथित तौर पर 100 से अधिक बंधकों को रिहा किया था. 7 अक्टूबर से भारी बमबारी के बीच, इजरायली सेना ने गाजा पट्टी को घेर लिया है. वर्तमान में गाजा पट्टी पानी, बिजली और ईंधन की आपूर्ति पर निर्भर है. कई अस्पतालों पर बमबारी की गई है और अस्पतालों को दवाओं, ब्लड प्रोडक्ट और चिकित्सा आपूर्ति के साथ-साथ स्वास्थ्य कर्मियों की गंभीर कमी का सामना करना पड़ रहा है. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्ध में गाजा में 17,100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है, जिनमें 70 प्रतिशत महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. वहीं 46,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं. मरने वालों और घायलों की संख्या कहीं ज्यादा हो सकती है क्योंकि कई लोग मलबे में दबे हुए हैं. यह भी पढ़ें : Israel Hamas War: इजरायली सेना और सेटलर्स ने वेस्ट बैंक पर हमले तेज किए

संयुक्त राष्ट्र फिलिस्तीनी शरणार्थी एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) ने कहा कि गाजा की 85 फीसदी आबादी वाले 19 लाख लोग भी विस्थापित हो गए हैं. गाजा में यूएनआरडब्ल्यूए मामलों के निदेशक थॉमस व्हाइट ने एक्स पर लिखा, "गाजा पूरी तरह से पतन के कगार पर है." सहायता एजेंसी की आपूर्ति ख़त्म हो रही है. आश्रय स्थल क्षमता से चार गुना अधिक हैं, और भारी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त सहायता नहीं है और मानवीय अभियान अस्त-व्यस्त हैं. एजेंसी ने नवंबर में कहा था कि मध्य गाजा में 2,000 लोगों को रखने के लिए डिज़ाइन किए गए संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी आश्रय में 37,900 विस्थापित लोग रह रहे हैं. विडंबना यह है कि इज़रायल ने नागरिकों को मारे जाने से बचने के लिए सुरक्षित क्षेत्रों में चले जाने की चेतावनी दी है क्योंकि उसके रक्षा बल हमास, आईएसआईएस-गाजा नामक चीज़ को धरती से मिटा देना चाहते हैं.

लेकिन, जैसा कि संयुक्त राष्ट्र के मानवतावादी प्रमुख मार्टिन ग्रिफिथ्स ने एक्स पर लिखा था, ''गाजा में कहीं भी सुरक्षित जगह नहीं हैं. अस्पताल नहीं हैं, आश्रय स्थल नहीं हैं यहां तक की शरणार्थी शिविर भी नहीं हैं. कोई भी सुरक्षित नहीं है. न बच्चे, न स्वास्थ्य कर्मी और न ही मानवतावादी. सहायता एजेंसियों ने यह भी चिंता जताई है कि मौजूदा शरणार्थी शिविरों में भोजन और पानी जैसे बुनियादी संसाधनों की कमी है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है. अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण गाजा में अल-मवासी एक क्षेत्र है जोकि यूके के हीथ्रो हवाई अड्डे से भी छोटा है. जहां पर इज़रायल ने 18 लाख फिलिस्तीनियों को जाने के लिए मजबूर किया है.

यूनिसेफ के प्रवक्ता जेम्स एल्डर को बीबीसी से यह कहते हुए उद्धृत किया गया, ''यदि आप लोगों को जबरन निकालने जा रहे हैं, तो आप सैकड़ों हजारों लोगों को उन जगहों पर नहीं भेज सकते जहां न पानी है और न शौचालय है. मैं जिस भी कोने की ओर गया, वहां 5,000 अन्य लोग थे जो रात भर में दिखाई देते थे. उनके पास एक भी शौचालय नहीं है और न ही उनके पास पानी की एक बूंद है.'' ये बंजर ज़मीन के छोटे-छोटे टुकड़े हैं. उनके पास न पानी है, न सुविधाएं, न ठंड से बचने का ठिकाना, न साफ-सफाई. आगे कहा कि गाजा में जिस चिकित्सक से बात की, उसके अनुसार, 'सुरक्षित क्षेत्र बीमारी के क्षेत्र बन जाएंगे'. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा, ''आश्रय स्थलों में शरणार्थियों की लगातार बढ़ती संख्या 'अस्वच्छ परिस्थितियों' से जूझ रही है और उन्हें भोजन तथा पानी की गंभीर कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे श्वसन संक्रमण, खुजली, पीलिया और दस्त में वृद्धि हो रही है.

इस बीच, एंटोनियो गुटेरेस ने सुरक्षा परिषद के सदस्यों से मानवीय आपदा को रोकने के लिए दबाव डालने का आग्रह करते हुए अनुच्छेद 99 का इस्तेमाल किया है और मानवीय युद्धविराम घोषित करने की अपील की है. 13 देश प्रस्ताव के पक्ष में थे जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका ने वीटो कर दिया और ब्रिटेन अनुपस्थित रहा. एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि गाजा 'ब्रेकिंग पॉइंट' पर है क्योंकि इसे हर रोज भूख और सैकड़ों हमलों का सामना करना पड़ता है. गाजा में मानवीय सहायता प्रणाली के पूरी तरह से ध्वस्त होने का ज्यादा खतरा है. गज़ावासियों के पास भोजन की कमी हो रही है और वे भुखमरी का सामना कर रहे हैं. उत्तरी गाजा में 97 प्रतिशत परिवार पर्याप्त भोजन नहीं कर रहे हैं. गाजा में आखिरी कामकाजी आटा मिल 15 नवंबर को नष्ट हो गई थी.

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