Israel Hamas War: इज़राइल ने कहा, उसे जॉर्डन के दूत को वापस बुलाने के फैसले पर है 'खेद'
इजरायल में बढ़ते संघर्ष के मद्देनजर अपने राजदूत को वापस बुलाने के जॉर्डन के फैसले के जवाब में, यहूदी राष्ट्र ने कहा कि उसे इस कदम पर खेद है, लेकिन उसका ध्यान हमास के आतंकवादी हमले के कारण उस पर थोपे गए युद्ध पर केंद्रित है.
जेरूसलम, 2 नवंबर : इजरायल में बढ़ते संघर्ष के मद्देनजर अपने राजदूत को वापस बुलाने के जॉर्डन के फैसले के जवाब में, यहूदी राष्ट्र ने कहा कि उसे इस कदम पर खेद है, लेकिन उसका ध्यान हमास के आतंकवादी हमले के कारण उस पर थोपे गए युद्ध पर केंद्रित है." मंत्रालय के प्रवक्ता लियोर हयात ने बुधवार देर रात एक्स पर एक पोस्ट में कहा," इज़राइल को परामर्श के लिए अपने राजदूत को वापस बुलाने के जॉर्डन सरकार के फैसले पर खेद है. इज़राइल राज्य का ध्यान उस पर हमास द्वारा किए गए जानलेवा आतंकवादी हमले द्वारा लगाए गए युद्ध पर केंद्रित है, एक आतंकवादी संगठन जिसने 1,400 इज़राइलियों का नरसंहार किया और 240 महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों अपहरण कर लिया. " उन्होंने कहा, "इजराइल हमास के आतंकवादियों और इस संगठन के आतंकवादी ढांचे को निशाना बना रहा है, जो गाजा पट्टी के नागरिकों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल करता है."
अम्मान में विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, इससे पहले बुधवार को जॉर्डन ने गाजा पर जारी इजराइली हमलों के विरोध में इजराइल से अपने राजदूत को वापस बुला लिया था. समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्री अयमान सफादी ने कहा कि उन्होंने इजराइली विदेश मंत्रालय को सूचित कर दिया है कि वह अपने राजदूत को वापस न भेजे, जो पहले ही जॉर्डन छोड़ चुके हैं. मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राजदूतों की वापसी इजराइल द्वारा गाजा पर युद्ध बंद करने, उसके कारण होने वाली मानवीय आपदा और उसके कार्यों से जुड़ी है, जिसने फिलिस्तीनियों को उनकी धरती पर भोजन, पानी, दवा और सुरक्षित और स्थिर जीवन के अधिकार से वंचित कर दिया. यह भी पढ़ें : Israel-Hamas War: इजराइल में फिर 7 अक्टूबर जैसा कत्लेआम करने की फिराक में हमास, कहा- करते रहेंगे हमले
सफादी ने जोर देकर कहा कि जॉर्डन गाजा पर युद्ध को समाप्त करने, मानवीय सहायता प्रदान करने, नागरिकों की रक्षा करने और क्षेत्र को इसके परिणामों से बचाने की दिशा में काम करना जारी रखेगा. उन्होंने कहा, जॉर्डन ने दो-राज्य समाधान के आधार पर फिलिस्तीन और इज़राइल के बीच एक व्यापक और न्यायपूर्ण शांति के लिए अपना आह्वान दोहराया है, जो 1967 की सीमा पर एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना की गारंटी देता है. जॉर्डन का यह कदम गाजा पर जारी बमबारी के कारण चिली और कोलंबिया द्वारा भी इजरायल से अपने दूतों को वापस बुलाने के एक दिन बाद आया है, जबकि बोलीविया ने "फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ मानवता के खिलाफ अपराध" का हवाला देते हुए यहूदी राष्ट्र के साथ राजनयिक संबंध तोड़ दिए हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 02, 2023 11:05 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

