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अमेरिका में COVID-19 के इलाज में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के इस्तेमाल पर लगी रोक, FDA ने बताया घातक

फेडरल ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर (FDA) ने सोमवार को कोरोना वायरस के मरीजों के आपात इलाज के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. एफडीए ने एक बयान में कहा कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन को अब संयुक्त राज्य अमेरिका में COVID-19 रोगियों पर नहीं दिया जाएगा.

अमेरिका में COVID-19 के इलाज में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के इस्तेमाल पर लगी रोक, FDA ने बताया घातक
हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (Photo Credits: AFP)

वाशिंगटन: फेडरल ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर (FDA) ने सोमवार को कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine) के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. एफडीए ने एक बयान में कहा कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन को अब संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) में COVID-19 रोगियों पर नहीं दिया जाएगा. दवाओं पर उपलब्ध वर्तमान शोध की समीक्षा करने के बाद, एफडीए ने निर्धारित किया कि दवाएं आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण के लिए वैधानिक मानदंडों को पूरा नहीं करती हैं. एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा कि कोरोना रोगियों पर मलेरिया में इस्तेमाल होने वाली हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और क्लोरोक्वीन असर करे, इसका कोई प्रमाण नहीं है.

एफडीए के मुख्य वैज्ञानिक ने बायोमेडिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (BARDA) को एक पत्र में लिखा, 'एफडीए ने एचसीक्यू और सीक्यू के आपातकालीन उपयोग के लिए ईयूए को रद्द कर दिया है. 'एफडीए ने जानकारियों के आधार पर निष्कर्ष निकाला है कि यह मानना उचित नहीं है कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) और सीक्यू दवाएं कोरोना वायरस के इलाज में प्रभावी साबित हो सकती हैं.' यह भी पढ़ें- Coronavirus Update: अमेरिका में कोरोना वायरस से सितंबर तक दो लाख लोगों की मौत की आशंका, अब तक इस महामारी से 20 लाख लोग संक्रमित. 

बता दें कि अमेरिका में कई सार्वजनिक और निजी अस्पतालों और दुनिया के अन्य हिस्सों में आपातकालीन मामलों में इस दवा का उपयोग किया गया था. एजिथ्रोमाइसिन के साथ संयुक्त, रूप से इस दावा के उपयोग से कोरोनो वायरस के कारण होने वाली मृत्यु को कम करने की उम्मीद थी. हालांकि, कई अध्ययनों ने बताया कि दो दवाएं मौत की संख्या को कम करने में विफल रहीं.

गैर-प्रभावी होने के अलावा, एचसीक्यू के उपयोग को रद्द करने के पीछे का कारण यह है कि इससे कॉमरेडिडिटी वाले रोगियों को अधिक जोखिमों का खतरा हो सकता है. वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि अगर हृदय रोगियों पर कोशिश की जाए तो मलेरिया रोधी दवा भी घातक साबित हो सकती है. यह तेजी से कार्डियक अटैक के खतरे को बढ़ा सकती है.

एफडीए के मुख्य वैज्ञानिक डेनिस हिंटन द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, यह मानना उचित नहीं है कि HCQ और CQ COVID-19 के उपचार में प्रभावी हो सकते हैं, और न ही यह मानना उचित है कि इन उत्पादों के ज्ञात और संभावित लाभ उनके ज्ञात और संभावित जोखिमों से ज्यादा हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 15, 2020 11:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).