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हर दिन 'हाइब्रिड' युद्ध के डर का सामना कर रहा जर्मनी: गृह मंत्री

जर्मन अखबार बिल्ड को दिए गए एक इंटरव्यू में गृह मंत्री आलेक्जांडर डोब्रिंट का कहना है कि विदेशी ताकतों द्वारा किए जाने वाले हमले जर्मनी के लिए एक निरंतर खतरा बन गए हैं.

हर दिन 'हाइब्रिड' युद्ध के डर का सामना कर रहा जर्मनी: गृह मंत्री
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

जर्मन अखबार बिल्ड को दिए गए एक इंटरव्यू में गृह मंत्री आलेक्जांडर डोब्रिंट का कहना है कि विदेशी ताकतों द्वारा किए जाने वाले हमले जर्मनी के लिए एक निरंतर खतरा बन गए हैं.जर्मनी के गृह मंत्री आलेक्जांडर डोब्रिंट ने चेतावनी दी कि विदेशी ताकतों द्वारा जर्मनी पर हमले की संभावना अब पहले से कहीं ज्यादा हो गई है. साथ ही उन्होंने कहा कि ‘हाइब्रिड' हमले के खतरे का सामना जर्मनी हर दिन कर रहा है. जर्मन शहर लाइपजिष के हवाई अड्डे पर इस हफ्ते विस्फोटकों से भरा ड्रोन मिला था. इस घटना के बाद डोब्रिंट ने समाचार पत्र 'बिल्ड अम सोनटाग' को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा है कि जर्मनी फिलहाल कोई जंग नहीं लड़ रहा है, लेकिन देश को हाइब्रिड युद्ध का हर दिन निशाना बनाया जा रहा है.

डोब्रिंट ने यह भी कहा कि विदेशी ताकतें डर फैलाकर जर्मनी को राजनीतिक और सामाजिक रूप से दबाना चाहती हैं. आगे उन्होंने कहा, "जासूसी, तोड़फोड़, साइबर हमले या जर्मनी को अस्थिर करने या सीधा नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से किए जाने वाले खुफिया ऑपरेशन वास्तविकता बन चुके हैं." उन्होंने यह भी कहा कि जर्मनी ने नए सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए ड्रोन में रिसर्च को बढ़ावा देने का फैसला किया है.

हालांकि, इस इंटरव्यू में डोब्रिंट ने किसी देश का नाम लिए बिना ये बातें कही हैं. लेकिन जर्मनी के कुछ राजनेताओं ने इन घटनाओं के पीछे रूस का हाथ बताया है. इसके बाद बर्लिन में रूसी दूतावास ने शुक्रवार को लाइपजिष में मिले विस्फोटक को ‘गढ़ा हुआ उकसावा' बताया. साथ ही कहा कि यह बिना किसी सबूत के रूस के खिलाफ आरोपों का एक और उदाहरण है.

पश्चिमी जर्मनी में सैन्य अड्डे के ऊपर दिखे ड्रोन

लाइपजिष के बाद पश्चिमी राज्य नॉर्थ राइन-वेस्टफेलिया में भी एक सैन्य अड्डे के आस पास दो ड्रोन देखे गए हैं. जर्मनी के सशस्त्र बलों के मुताबिक 6 अगस्त की रात बेल्जियम सीमा के पास मेषर्निष में मौजूद एक जर्मन सैन्य अड्डे के ऊपर दो ड्रोन देखे गए थे. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इस सैन्य अड्डे में वे सैन्यकर्मी रहते हैं जो अमेरिकी पैट्रियट वायु रक्षा प्रणालियों के रखरखाव के लिए जिम्मेदार हैं. ये रक्षा प्रणाली रूसी हवाई हमलों के खिलाफ यूक्रेन की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक लाइपजिष में मिले विस्फोटकों के अलावा, डीएचएल कार्गो विमान से एक अज्ञात छोटी उड़ने वाली चीज भी टकरा गई थी. हालांकि, खबर में इस घटना की तारीख की पुष्टि नहीं की गई है.

ड्रोन पर रिसर्च मजबूत करेगा जर्मनी

हाल के दिनों में दुनियाभर में हो रही जंगों में ड्रोन का इस्तेमाल सबसे अधिक किया जा रहा है. अब जर्मनी में जब अलग-अलग जगहों पर बाहर से आए ड्रोन देखे जाने लगे हैं तो गृह मंत्री डोब्रिंट ने जानकारी दी है कि जर्मनी भी ड्रोन सुरक्षा में रिसर्च का विस्तार करने की योजना बना रहा है.

डोब्रिंट ने कहा कि अगस्त के अंत में पूर्वी राज्य सैक्सोनी-अनहाल्ट में जर्मन एयरोस्पेस सेंटर के एक परीक्षण हवाई अड्डे पर एक नया ड्रोन सुरक्षा अनुसंधान केंद्र बनाया जाएगा. उन्होंने कहा, "ड्रोन तकनीक में हथियारों की दौड़ से तालमेल बनाए रखने के लिए अनुसंधान इकाइयों की जरूरत है." साथ ही उन्होंने कहा कि यह केंद्र ड्रोन से सुरक्षा प्रदान करने वाली तकनीकों को विकसित और परीक्षण करेगा, और शोधकर्ताओं, तकनीकी इनोवेशन और सुरक्षा अधिकारियों की जरूरत को एक साथ लाएगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 10, 2026 11:10 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).