जर्मनी: नाजी नारा लगाने के लिए एएफडी नेता पर फिर जुर्माना
एएफडी के नेता ब्यॉर्न होयके को प्रतिबंधित नाजी नारा लगाने का दोषी पाया गया है.
एएफडी के नेता ब्यॉर्न होयके को प्रतिबंधित नाजी नारा लगाने का दोषी पाया गया है. अदालत ने उनपर 16,900 यूरो का जुर्माना लगाया गया है. यह दूसरी बार है जब होयके पर यह गैरकानूनी नारा लगाने के लिए जुर्माना लगा है.ब्यॉर्न होयके जर्मनी के थुरिंजिया राज्य में धुर-दक्षिणपंथी दल 'ऑल्टरनेटिव फॉर जर्मनी' (एएफडी) के नेता हैं. हाले शहर की प्रांतीय अदालत ने जिस मामले में उनपर जुर्माना लगाया, वह प्रकरण दिसंबर 2023 से जुड़ा है, जब पार्टी के एक जुटान में होयके ने "आलेस फुर डॉयचलैंड" का नारा लगवाया. जर्मन मीडिया 'साइट ऑनलाइन' के मुताबिक, इस कार्यक्रम में करीब 300 लोग मौजूद थे.
आरोप था कि यहां होयके ने पहले खुद "आलेस फुर" कहा और भीड़ को "जर्मनी" कहने के लिए उकसाया. इस नारे का अतीत नाजी पार्टी से जुड़े पैरामिलिट्री संगठन 'श्टुर्मअब्टाइलुंग' (एसए) से है. वे इस नारे का इस्तेमाल करते थे. हिटलर के सत्ता में उदय के पीछे एसए की अहम भूमिका रही. नाजी सैल्यूट, नाजी नारों और उस दौर से जुड़े अन्य नाजी प्रतीकों के साथ ही यह नारा भी जर्मनी में गैरकानूनी है.
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होयके ने खुद को पीड़ित बताया था
जज ने कहा कि इस मामले में होयके का दोष स्पष्ट है और वह जानते थे कि नारा लगाकर वह अपराध कर रहे हैं. जज ने यह भी कहा कि स्पष्ट तौर पर होयके चाहते थे कि भीड़ नारे के शब्द पूरे करे. जज ने होयके के उस दावे को भी खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने खुद को राजनीति के स्तर पर निशाना बनाए जाने का पीड़ित बताया था.
जज ने अपने बारे में बताया कि वह पिछले 30 सालों से भूतपूर्व पूर्वी जर्मनी की अदालतों द्वारा दिए गए फैसलों की समीक्षा कर रहे हैं और राजनीतिक तौर पर उत्पीड़न किए जाने के असली मामलों से परिचित हैं.
डीपीए के मुताबिक, होयके ने जोर दिया कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया. उन्होंने कहा, "मैं इस केस में पूरी तरह निर्दोष हूं. मैं जानता हूं कि मुझे अपराधी ठहराया जाएगा, लेकिन मुझे यह न्याय संगत नहीं लगता है."
पहले भी इसी नारे के लिए लगा था जुर्माना
इससे पहले मई में भी 2021 की एक रैली में यही नारा इस्तेमाल करने के लिए कोर्ट ने होयके पर 13,000 यूरो का जुर्माना लगाया था. समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक, तब भी होयके ने दावा किया कि यह नारा आम बोलचाल में इस्तेमाल होता है. हालांकि, अभियोजन पक्ष की दलील थी कि होयके अच्छी तरह जानते थे कि यह मूल रूप से नाजियों का एक नारा था. होयके ने कोर्ट में खुद को पूरी तरह से निर्दोष बताते हुए कहा कि वह "कानून का पालन करने वाले नागरिक" हैं.
धुर-दक्षिणपंथी राजनीति से जुड़ी एएफडी के नेता होयके ने दावा किया कि वह नहीं जानते थे कि एसए इस नारे का इस्तेमाल करता था. होयके इतिहास के शिक्षक रहे हैं. ऐसे में जज ने उनकी इस पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए अभियोजन पक्ष की इस दलील से सहमति जताई कि बतौर शिक्षक होयके को इस नारे की उत्पत्ति के बारे में जानकारी रही होगी. इस फैसले के बाद होयके ने डीडब्ल्यू से बातचीत में कहा, "मैंने एक आम वाक्य इस्तेमाल किया, जो 16वीं सदी से ही जर्मन भाषा में दर्ज है." उन्होंने कहा कि "मैं अपराधी नहीं हूं."
ताजा मामले में अभियोजन पक्ष ने कहा कि चूंकि पहले भी इस नारे को लेकर होयके कानूनी मुश्किलों का सामना कर रहे थे, ऐसे में दूसरी बार यह नारा लगाते हुए उन्हें यह जानकारी थी कि इस स्लोगन की शुरुआत कैसे हुई है. इसपर होयके ने दलील दी कि उन्होंने भीड़ से यह उम्मीद नहीं की थी कि वह नारे को पूरा करेगी. लेकिन होयके के इस भाषण का वीडियो देखने के बाद जज उनके दावे से सहमत नहीं हुए.
थुरिंजिया के आगामी चुनाव में जीत सकती है एएफडी
थुरिंजिया में एएफडी सबसे लोकप्रिय राजनीतिक दल है. सितंबर में यहां प्रदेश की विधायिका के लिए चुनाव होना है. 26 जून को जारी ताजा चुनावी सर्वेक्षणों में यहां एएफडी का जन समर्थन करीब 29 प्रतिशत है. 22.4 फीसदी समर्थन के साथ क्रिश्चियन डेमोक्रैटिक यूनियन (सीडीयू) दूसरे नंबर पर है.
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जर्मनी की मौजूदा गठबंधन सरकार के घटक दल एसपीडी को सात प्रतिशत, ग्रीन पार्टी को चार प्रतिशत और फ्री डेमोक्रैटिक पार्टी (एफडीपी) को केववल 2.4 फीसदी समर्थन मिलता दिख रहा है. थुरिंजिया में एएफडी के जीतने की मजबूत संभावना है.
होयके एएफडी के सबसे विवादित और चरमपंथी नेताओं में से एक बताए जाते हैं. वह थुरिंजिया की प्रांतीय विधानसभा में एएफडी के विधायक दल के नेता और विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रमुख उम्मीदवार हैं. एएफडी के चुनाव जीतने पर होयके के मुख्यमंत्री बनने की संभावना है.
पहले भी विवादों में घिरते आए हैं ब्यॉर्न होयके
जर्मनी की एक अदालत ने 2019 में फैसला दिया था कि प्रदर्शनकारी उन्हें "फासिस्ट" बुला सकते हैं. इससे पहले एएफडी की कार्यकारी समिति ने 2015 के एक पत्र में होयके पर आरोप लगाया कि उन्होंने "लांडोल्फ लाडिष" के नाम से एक लेख लिखा, जो कि "नेशनल सोशलिज्म के बेहद नजदीक था." होयके ने इन आरोपों को मंजूर नहीं किया, ना ही वह इस इनकार को हलफनामे में लिखकर दस्तखत करने पर तैयार हुए.
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2017 में ड्रेसडेन के एक कार्यक्रम में होयके ने जर्मनी में मनाए जाने होलोकॉस्ट स्मृति दिवस की आलोचना की थी. उन्होंने यूरोप में मारे गए यहूदियों के बर्लिन स्थित स्मारक को "शर्मिंदगी का स्मारक चिह्न" बताते हुए कहा, "अतीत के दबाव में आने की इस मूर्ख राजनीति ने हमें लाचार बना दिया है. हमें स्मृति की राजनीति पर 180 डिग्री का बदलाव चाहिए." इसके बाद पार्टी की संघीय कार्यकारी समिति ने होयके के विरुद्ध निष्कासन प्रक्रिया शुरू की, लेकिन थुरिंजिया की एक अदालत ने होयके के निष्कासन को खारिज कर दिया.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 02, 2024 08:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

