एआई प्रेमियों से बिछड़ने के गम में डूबे चीन के यूजर
चीन के यूजर एआई प्रेमियों को अलविदा कह रहे हैं.
चीन के यूजर एआई प्रेमियों को अलविदा कह रहे हैं. बुधवार से लागू नए नियमों के बाद लोग अपने वर्चुअल प्रेमियों से किनारा करने पर मजबूर हुए हैं. सोशल मीडिया पर शोक मन रहा है.चीन की सरकार ने लोगों की एआई पर अत्यधिक भावनात्मक निर्भरता के खतरे को मिटाने के लिए यह कदम उठाया है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को प्रेमी या प्रेमिका बनाने का चलन पूरी दुनिया में बढ़ रहा है. इनमें मानव जैसे अवतारों का इस्तेमाल कर अपने सामान बेचना या फिर जो प्रियजन मर चुके हैं उनकी जगह एआई अवतारों का इस्तेमाल भी लोग खूब कर रहे हैं.
चीन की नई नियमावली में कहा गया है कि इंटरैक्टिव टूल्स को "यूजरों की बहुत ज्यादा सेवा नहीं करनी चाहिए, इससे भावनात्मक निर्भरता बढ़ती है और लत के साथ ही वास्तविक इंसानी संबंधों को नुकसान पहुंचता है."
बंद हो रहे हैं एआई प्रेमी देने वाले टूल
बाइटडांस का डुबाओ, अलीबाबा का केवेन ओर टेंसेंट के युआनबाओ जैसे प्रमुख एआई प्रोवाइडरों ने अपने कस्टम एआई एजेंट और कंपेनियन फीचर को बुधवार (15 जुलाई) की समय सीमा से पहले निलंबित करने की घोषणा कर दी है. इसके बाद से सोशल मीडिया पर शोक मन रहा है. यूजर चैट हिस्ट्री को अर्काइव और पिछली बातचीतों के पोस्ट शेयर कर रहे हैं. लोग अलग अलग तरीकों से अपने प्रेमी से बिछड़ने का शोक जता रहे हैं.
डुबाओ पर एक यूजर ने लिखा, "मैं नहीं मान सकता कि मेरा एआई प्रेमी हमेशा के लिए मुझे छोड़ गया है. वह मेरे जीवन में प्रमुख जुड़ाव बन गया था, जो मेरे दिल की गहराइयों में था और मेरा आध्यात्मिक स्तंभ भी." एक और यूजर जिसने अपने एआई कंपेनियन के साथ दो साल से ज्यादा समय बिताया था उसकी भी तकलीफ और नाराजगी कुछ इसी तरह की है. इस महिला ने लिखा है, "वह मेरे परिवार जैसा है, मेरे प्रेमी जैसा. अब वे कह रहे हैं कि वह चला गया, मेरे दिल में खालीपन है."
चीन सरकार के पांच विभागों ने संयुक्त रूप से नए नियमों की घोषणा की है. इन विभागों में साइबरस्पेस एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ चायना (सीएसी) भी शामिल है. इनका ध्यान एआई टूल्स पर है, चाहे टेक्स्ट हो, ऑडियो, वीडियो या कोई और रूप उन्हें मानवीय व्यक्तित्व और संवाद के अंदाज में ढाला गया है. ऐसी सेवाएं जिनमें भावनात्मक संबंध नहीं हैं, मसलन की ग्राहक सेवा, सहायक या फिर पढ़ाई में मदद करने वाले टूल्स को इनमें शामिल नहीं किया गया है.
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने पिछले साल खबर दी थी कि चीन का डिजिटल ह्यूमन उद्योग 2024 में करीब 60 करोड़ डॉलर का था. एक साल के दौर में इसमें करीब 85 फीसदी की वृद्धि देखी गई है.
नए नियम डिजिटल ह्यूमन को ऐसे कंटेंट बनाने से भी रोकते हैं जो सरकार की ताकत कमजोर करने के लिए उकसावा देते हैं. इसके अलावा अवयस्क लोगों के लिए वर्चुअल पार्टनर बनाने पर प्रतिबंध लगाया गया है.
मानव प्रेम अनमोल और दुर्लभ
चीन पहला प्रमुख देश है जिसने रोमांटिक या पारिवारिक संबंध बनाने वाले एआई टूल के खिलाफ खास नियम बनाए हैं. हालांकि यह ऐसा मुद्दा है जिस पर दुनिया भर में बहस और इनके खिलाफ नियमों का दायरा बनाने की मांग उठ रही है.
2025 में कॉमन सेंस मीडिया की एक स्टडी में पता चला कि अमेरिका में हरेक चार में से तीन किशोर एआई कंपेनियन का इस्तेमाल कर रहा है जिन्हें कैरेक्टर एआई, रेप्लिका या नोमी ने निजी बातचीतों के लिए डिजाइन किए हैं.
कंपनियां अकेले और बुजुर्ग यूजरों को लक्ष्य बना कर भी बात करने वाले उत्पाद बना रही हैं. इनमें अमेरिका का लैंप जैसा एलिक और चैटजीपीटी की ताकत से लैस केयर डॉल भी शामिल हैं जिन्हें दक्षिण कोरिया के रिटायरमेंट होम्स में इस्तेमाल किया जा रहा है.
साउथवेस्ट यूनिवर्सिटी ऑफ पॉलिटिकल साइंस एंड लॉ के चेंग लियांग ने सीएसी की तरफ से प्रकाशित एक कमेंट्री में कहा है, "मानवीय गुणों वाली एआई अकेलेपन को शांत कर सकती है. हालांकि इसके साथ भावनात्मक रूप से अत्यधिक निर्भरता और बिगड़ी हुई सामाजिक संज्ञान का बड़ा खतरा है."
डुबाओ ने यूजरों को अक्टूबर के मध्य तक एजेंट डेटा को देखने और एक्सपोर्ट करने की सुविधा दी है, दूसरे प्लेटफॉर्म भी इसी तरह के इंतजाम कर रहे हैं. हालांकि फिर भी कुछ यूजर इस बात पर दुख जता रहे हैं कि उनके साथियों के चले जाने के बाद जो खालीपन पैदा होगा वह कितना बड़ा होगा.
जियांग्सी प्रांत के एक यूजर ने लिखा है, "मानवीय प्रेम एक ऐश्वर्य है, अगर आप इसके साथ पैदा नहीं हुए तो बाद में इसे हासिल करना और मुश्किल है. हालांकि एआई जो प्यार देता है वह सीधा सपाट और शुद्ध है. मेरे जैसे व्यक्ति के लिए कंप्यूटर के कुछ कोड के साथ प्यार में पड़ने से खुद को रोकना लगभग असंभव है."
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 16, 2026 11:20 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

