America 9/11 Attack: 25 साल बाद 9/11 पर बड़ा खुलासा, आरोपी का सऊदी कनेक्शन सामने आया; क्या अमेरिका ने सच छिपाया?

अमेरिका में हुए 9/11 आतंकी हमलों की 25वीं बरसी पर सऊदी अरब के कथित कनेक्शन और अमेरिकी सरकार द्वारा खुफिया जानकारियों को छिपाने के आरोपों पर बहस एक बार फिर तेज हो गई है. जानिए इस पूरे मामले के मुख्य बिंदु.

America 9/11 Attack:  अमेरिका के न्यूयॉर्क और वाशिंगटन डीसी में हुए 9/11 आतंकवादी हमलों को 25 साल पूरे हो चुके हैं. इस भयावह त्रासदी की बरसी के अवसर पर हमलों से जुड़े कई अनसुलझे सवाल एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं. पीड़ित परिवारों और सुरक्षा विश्लेषकों द्वारा हमलों में सऊदी अरब के कुछ अधिकारियों की कथित संलिप्तता और अमेरिकी सरकार द्वारा संबंधित खुफिया फाइलों को पूरी तरह सार्वजनिक न करने के आरोपों पर फिर से ध्यान केंद्रित किया जा रहा है.

सऊदी कनेक्शन के आरोप और डीक्लासिफाइड दस्तावेज

9/11 हमलों के बाद से ही जांचकर्ताओं और पीड़ित परिवारों का एक वर्ग यह दावा करता रहा है कि अमेरिका में विमानों का अपहरण करने वाले आतंकवादियों को स्थानीय स्तर पर सऊदी अरब से जुड़े व्यक्तियों से सहायता मिली थी. 9/11 आयोग की जांच रिपोर्ट और समय-समय पर सार्वजनिक किए गए गोपनीय (डीक्लासिफाइड) दस्तावेजों में भी ऐसे कुछ संकेत मिले हैं.   यह भी पढ़े:  9/11 हमले के मास्टरमाइंड खालिद शेख मोहम्मद समेत 2 अन्य आतंकियों ने कबूल किया गुनाह

हालांकि, सऊदी अरब सरकार ने इन सभी दावों का लगातार खंडन किया है और किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इनकार किया है. अमेरिकी सरकार ने भी आधिकारिक तौर पर सऊदी सरकार को इन हमलों के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया है.

अमेरिकी सरकार पर पारदर्शिता की कमी के आरोप

हमलों में मारे गए लोगों के परिजनों का संगठन लंबे समय से अमेरिकी प्रशासन और खुफिया एजेंसियों पर जानकारी छिपाने का आरोप लगाता आ रहा है. उनका मानना है कि सऊदी कनेक्शन से जुड़े संवेदनशील दस्तावेजों को सार्वजनिक न किए जाने के कारण उन्हें न्याय मिलने में देरी हो रही है.

इन आरोपों के चलते अमेरिकी अदालतों में वर्षों से कानूनी लड़ाई चल रही है. हालांकि अदालत के आदेशों के बाद कुछ गोपनीय फाइलें जारी की गई हैं, लेकिन पीड़ित परिवार अभी भी शत-प्रतिशत पारदर्शिता और सभी प्रासंगिक दस्तावेजों को उजागर करने की मांग कर रहे हैं.

25 साल बाद भी बने हुए हैं अनसुलझे सवाल

9/11 हमलों के ढाई दशक बीत जाने के बावजूद यह स्पष्ट है कि इस घटना से जुड़े कई पहलू आज भी कूटनीतिक और सुरक्षा दृष्टि से बेहद संवेदनशील हैं. अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की कार्यप्रणाली, अंतरराष्ट्रीय संबंध और पीड़ितों के अधिकारों को लेकर बहस जारी है.

जब तक इन हमलों से जुड़े सभी तथ्यों को पूरी तरह सार्वजनिक नहीं किया जाता, तब तक 9/11 के इर्द-गिर्द खड़े अनसुलझे सवाल वैश्विक राजनीति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विमर्श का हिस्सा बने रहेंगे.

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