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यूरोप में टेमू के खिलाफ शिकायतों की झड़ी

यूरोप में चीन के शॉपिंग ऐप टेमू के ग्राहकों की संख्या के साथ ही उसे लेकर चिंता भी बड़ी तेजी से बढ़ रही है.

यूरोप में टेमू के खिलाफ शिकायतों की झड़ी
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

यूरोप में चीन के शॉपिंग ऐप टेमू के ग्राहकों की संख्या के साथ ही उसे लेकर चिंता भी बड़ी तेजी से बढ़ रही है. अब यूरोप के कई उपभोक्ता समूहों ने उसके खिलाफ शिकायत करते हुए जांच की मांग की है.यूरोपीय बाजार में तेजी से जगह बनाने वाला शॉपिंग ऐप टेमू अप्रैल 2023 में यूरोप आया. विज्ञापनों में टेमू अकसर काफी कम कीमत पर सामान मुहैया कराने का दावा करता है. सर्च इंजनों पर सामान ढूंढते ग्राहक मिलती जुलती चीजों को यहां 50-80 फीसदी तक सस्ता देख कर हैरान रह जाते हैं. शायद यही वजह है कि इतने कम समय में ही टेमू ने यूरोप में करोड़ों ग्राहक बना लिए हैं, जिसका दावा खुद कंपनी करती है. टेमू के मुताबिक उसके पास 27 देशों के इस समूह में 7.5 करोड़ से ज्यादा सक्रिय मासिक ग्राहक हैं. हालांकि पिछले कुछ महीनों से कई देशों में उसके खिलाफ उपभोक्ता अधिकार संगठनों ने शिकायतों की झड़ी लगा दी है.

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यूरोपीय उपभोक्ता समूहों ने चीन के शॉपिंग ऐप टेमू पर चालबाज तरीकों का इस्तेमाल कर ग्राहकों को ज्यादा खर्च करने और यूरोपीय संघ के टेक लॉ से जुड़े दूसरे प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप लगाया है. यूरोप में उपभोक्ता अधिकार समूहों के संगठन बीईयूसी ने यूरोपीय आयोग में टेमू खिलाफ शिकायत की है. दूसरी तरफ फ्रांस, जर्मनी, स्पेन समेत 17 देशों के उपभोक्ता अधिकार संगठनों ने भी राष्ट्रीय प्राधिकरणों में टेमू के विरुद्ध इसी तरह का मामला दर्ज कराया है.

टेमू पर क्या आरोप हैं

बीईयूसी ने टेमू पर यूरोपीय संघके डिजिटल सर्विसेज एक्ट (डीएसए) के उल्लंघन का आरोप लगाया है. संगठन का आरोप है कि यह ऐप, "ग्राहकों को बचाने में नाकाम रहने के साथ ही चालबाजी वाले उपाय अपना रहा है." इन्हें डार्क पैटर्न माना जाता है. संगठन ने टेमू के खिलाफ जांच की मांग की है. उनका मानना है कि ऑनलाइन शॉपिंग में ग्राहकों की स्वतंत्र और जानकारी से युक्त फैसले लेने की क्षमता को टेमू कमजोर बना रहा है या फिर तोड़ मरोड़ रहा है.

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डीएसए के तहत सभी डिजिटल प्लेटफॉर्मों के लिए गैरकानूनी कंटेंट को तुरंत हटाना जरूरी है. इसके साथ ही उन्हें इस बारे में पारदर्शिता बरतनी होती है, कि वे यूजर के डाटा का कैसे इस्तेमाल करते हैं, और ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों की सुरक्षा तय करते हैं.

बीईयूसी का कहना है कि यह प्लेटफॉर्म बेचने वालों के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं देता है. बीईयूसी के मुताबिक,"ऐसे में ग्राहक अकसर अंधेरे में रहते हैं कि वो किससे सामान खरीद रहे हैं." इसके अलावा यह भी साफ नहीं है कि इनका रिकमेंडेशन सिस्टम कैसे काम करता है, जिसकी जानकारी देना डीएसए के तहत जरूरी है.

शिकायतों पर टेमू ने क्या कहा

टेमू का कहना है कि उसने इन शिकायतों को बहुत गंभीरता से लिया है. उसने वादा किया है कि वह इसकी "विस्तार से छानबीन" करेगी और सभी संबंधित पक्षों के साथ सहयोग करेगी. टेमू की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, "जहां भी हमें सुधार की गुंजाइश दिखेगी हम अपनी सेवाओं को बेहतर बनाने और कमियों को दूर करने पर का करने के लिए आतुर हैं."

टेमू ने पारदर्शिता और नियमों के उल्लंघन पर कहा है, "हम पारदर्शिता के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और सभी नियमों और कानूनों का पालन करेंगे."

कई देशों में टेमू की शिकायत

चीन की पीडीडी होल्डिंग्स के शॉपिंग ऐप टेमू पहले से ही यूरोप में दबाव झेल रही है. जर्मन उपभोक्ता संगठनों ने इस साल की शुरुआत में इसी तरह के मुद्दों पर चेतावनी दी थी. इसके बाद टेमू को अपने प्लेटफॉर्म पर यह घोषणा करनी पड़ी कि वह आपत्तिजनक नोटिसों को नहीं दिखाएगा. इनमें से एक नोटिस यह है,"जल्दी कीजिए 126 से ज्यादा लोगों ने यह आइटम अपने शॉपिंग कार्ट में डाला है."

टेमू पर एशिया और अमेरिका में भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है. इसी साल अप्रैल में दक्षिण कोरिया के रेग्यूलेटरों ने गलत प्रचार और अनुचित तरीकों के संदेह में टेमू के खिलाफ जांच शुरू की.

क्या कार्रवाई हो सकती है

इस बात के बहुत आसार हैं कि यूरोपीय संघ टेमू को डीएसए के तहत "बहुत बड़े" डिजिटल प्लेटफार्मों की अपनी सूची में शामिल करेगा. इसके बाद कंपनी के लिए कठोर नियमों का पालन करना जरूरी हो जाएगा. इनमें यह बताना भी शामिल है कि वह ग्राहकों को जोखिम से बचाने के लिए क्या कर रहा है.

यूरोपीय संघ ने चीन के ही एक और ऑनलाइन रिटेलर शाइन को पहले ही इस सूची में डाल रखा है. इस सूची में अलीएक्सप्रेस, एमेजॉन, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब समेत 23 प्लेटफॉर्म हैं. यूरोपीय संघ शिकायतों के आधार पर जांच के आदेश या फिर कंपनी के लिए कुछ दिशानिर्देशों का पालन करना जरूरी कर सकता है.

एनआर/आरपी (एएफपी)

(The above story first appeared on LatestLY on May 16, 2024 07:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).