Oracle Layoffs Rumours: ऑरेकल में नई छंटनी की अटकलों से कर्मचारियों में हलचल; सितंबर मध्य में संभावित पुनर्गठन पर नजर, भारत समेत वैश्विक स्तर पर असर की आशंका
प्रमुख वैश्विक सॉफ्टवेयर और क्लाउड सेवा प्रदाता कंपनी ऑरेकल में कर्मचारियों की नई छंटनी को लेकर उद्योग जगत में अटकलों का बाजार गर्म है. हालांकि कंपनी प्रबंधन ने अभी तक आधिकारिक रूप से किसी भी नए छंटनी दौर की घोषणा नहीं की है, लेकिन आंतरिक स्तर पर आ रहे संकेतों और रिपोर्टों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही की शुरुआत के साथ सितंबर के मध्य तक कार्यबल के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. पिछले एक वर्ष में ऑरेकल के कुल कर्मचारियों की संख्या में लगभग 21,000 की कमी आई है.
सैन फ्रांसिस्को/नई दिल्ली: एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर और क्लाउड टेक्नोलॉजी क्षेत्र की अग्रणी कंपनी ऑरेकल (Oracle) में कार्यबल पुनर्गठन (Workforce Restructuring) और संभावित नौकरियों में कटौती को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. मीडिया रिपोर्ट्स और आंतरिक सूत्रों के मुताबिक, कंपनी सितंबर महीने में अपने विभिन्न डिवीजनों को पुनर्गठित करने की तैयारी में है.
उद्योग जगत की ट्रैकिंग रिपोर्टों के अनुसार, ऑरेकल के नेतृत्व ने प्रबंधकों से नए वित्तीय चक्र से पहले उन भूमिकाओं की पहचान करने को कहा था जो संगठनात्मक स्तर पर दोहराव (Redundancy) पैदा करती हैं. हालांकि महीने की शुरुआत में कोई व्यापक ईमेल जारी नहीं हुआ, लेकिन कर्मचारी अब मध्य सितंबर तक होने वाले संभावित बदलावों को लेकर सतर्क हैं. यह भी पढ़ें: Tech Layoffs: AI की ओर बढ़ते कदमों के बीच Oracle भारत में 3,000 कर्मचारियों की कर सकती है छंटनी; Microsoft ने 500 कर्मियों को PIP पर डाला
एक साल में घटे 21,000 कर्मचारी; AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ा खर्च
कंपनी की हालिया कॉर्पोरेट वार्षिक फाइलिंग से यह साफ होता है कि ऑरेकल पिछले कुछ समय से अपने कार्यबल को सुव्यवस्थित (Streamline) करने की प्रक्रिया में जुटी है:
- कार्यबल में 13% की गिरावट: 31 मई को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी के पूर्णकालिक कर्मचारियों (Full-Time Employees) की कुल संख्या 1,62,000 से घटकर लगभग 1,41,000 रह गई है. इसका अर्थ है कि एक साल के दौरान करीब 21,000 पद समाप्त किए जा चुके हैं.
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड पर फोकस: कंपनी जेनेरेटिव एआई के विकास, नए डेटा सेंटर्स की स्थापना और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए पूंजीगत व्यय (CapEx) में भारी वृद्धि कर रही है.
- लागत नियंत्रण की चुनौती: एआई तकनीक के तेजी से अपनाए जाने और वित्तीय संसाधनों को नई तकनीकों की तरफ मोड़ने के कारण पारंपरिक विभागों में परिचालन लागत को सीमित करना कंपनी की प्राथमिकता बन गया है.
भारतीय टीमों और प्रमुख टेक केंद्रों पर प्रभाव की चिंता
ऑरेकल के वैश्विक संचालन में भारत एक रणनीतिक केंद्र के रूप में स्थापित है:
- बड़ी वर्कफोर्स: भारत में कंपनी के सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, क्लाउड सपोर्ट, इंजीनियरिंग और कंसल्टिंग वर्टिकल्स में हजारों तकनीकी पेशेवर कार्यरत हैं.
- आंतरिक मेट्रिक्स की निगरानी: आधिकारिक आदेश के अभाव में कर्मचारी आंतरिक मैसेजिंग ग्रुप्स, स्लैक (Slack) एक्टिव मेंबर काउंट और संगठनात्मक चार्ट्स पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं, ताकि टीम के आकार में होने वाले बदलावों को समय रहते समझा जा सके.
- The Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार, यदि यह कटौती अमल में लाई जाती है, तो इसका असर वैश्विक स्तर पर कई हजार भूमिकाओं पर पड़ सकता है, जिसमें भारत के विकास केंद्र भी शामिल हो सकते हैं.
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल ऑरेकल प्रबंधन की ओर से नौकरियों में कटौती की किसी सटीक संख्या या निश्चित समय-सारिणी को लेकर कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है. कॉर्पोरेट विश्लेषकों का मानना है कि टेक उद्योग में एआई इंटीग्रेशन के इस दौर में कंपनियों द्वारा विभागों का पुनर्गठन एक सामान्य रणनीति बन गई है, लेकिन पारदर्शी सूचना के अभाव में कर्मचारियों के बीच आशंका बनी हुई है.