HCLTech AI Investment: 3,292 कर्मचारियों की कटौती के बीच कंपनी एआई डेटा सेंटर्स में करेगी 3,500 करोड़ रुपये का निवेश

HCLTech AI Investment: भारत की प्रमुख आईटी सेवा प्रदाता कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCLTech) ने तेजी से बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए एक बड़ी निवेश योजना का एलान किया है. कंपनी देश में एडवांस्ड एआई डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए 3,500 करोड़ रुपये तक का निवेश करेगी. हालांकि, यह महत्वपूर्ण घोषणा कंपनी के कार्यबल (Workforce) में हुई बड़ी कटौती के बीच सामने आई है. हालिया तिमाही नतीजों के अनुसार, पिछली तिमाही में कंपनी के कर्मचारियों की संख्या में 3,292 की शुद्ध कमी (Net Reduction) दर्ज की गई है.

एआई डेटा सेंटर की क्षमता को 50 मेगावाट तक बढ़ाएगी कंपनी

एचसीएल टेक इस भारी-भरकम निवेश के जरिए अत्याधुनिक एआई डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना चाहती है. कंपनी का लक्ष्य इसकी क्षमता को शुरुआती स्तर से बढ़ाकर 50 मेगावाट (MW) तक पहुंचाना है.  यह भी पढ़े: Job Coming in India: भारत में नौकरियों की बहार, 2030 तक डेटा सेंटर सेक्टर में पैदा होंगे 1 लाख रोजगार, NLB की रिपोर्ट

कंपनी के सीईओ और प्रबंध निदेशक सी विजयकुमार ने चालू वित्त वर्ष (FY27) की पहली तिमाही के नतीजों के दौरान बताया कि यह निवेश एआई कंप्यूटिंग की बदलती मांगों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है. कंपनी केवल पारंपरिक डेटा सेंटर स्पेस बेचने के बजाय जीपीयू (GPUs), एआई मॉडल्स और एंटरप्राइज एप्लीकेशंस सहित "फुल-स्टैक एआई सॉल्यूशंस" की पूरी श्रृंखला पेश करेगी.

एक तरफ निवेश, दूसरी तरफ कर्मचारियों की संख्या में बड़ी गिरावट

कंपनी का यह नया रणनीतिक कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब वह अपने आंतरिक कार्यबल का पुनर्गठन कर रही है. 30 जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, एचसीएल टेक के कर्मचारियों की कुल संख्या घटकर 2,23,889 रह गई है.

बीती तिमाही में कुल 3,292 कर्मचारियों की कमी आई है, जो पिछले पांच तिमाहियों में कंपनी के कार्यबल में आई सबसे बड़ी गिरावट है. हालांकि, कंपनी के कुल एट्रिशन (नौकरी छोड़ने की दर) में कोई बड़ा उछाल नहीं आया है और यह 12.7% के स्तर पर स्थिर बना हुआ है.

जेनरेटिव एआई के दौर में रणनीतिक बदलाव

पारंपरिक आईटी सेवाओं के भविष्य पर उठ रहे सवालों के बीच एचसीएल टेक एआई को अपने विकास के सबसे बड़े माध्यम के रूप में देख रही है. कंपनी ने पहले ही भारतीय एआई स्टार्टअप 'सर्वम एआई' (Sarvam AI) में 15 करोड़ डॉलर (लगभग 1,250 करोड़ रुपये) के निवेश की घोषणा की थी.

उद्योग विश्लेषकों का अनुमान है कि साल 2030 तक वैश्विक स्तर पर डेटा सेंटर्स की मांग करीब तीन गुना बढ़ जाएगी. भारत में डिजिटल इकोनॉमी के प्रसार और डेटा लोकलाइजेशन (डेटा को देश की सीमा के भीतर रखने के नियम) की वजह से यह मांग और भी तेजी से बढ़ रही है. एचसीएल टेक वर्तमान में अपने नए डेटा सेंटर के लिए कई बड़े संभावित ग्राहकों के साथ बातचीत कर रही है और जल्द ही पहले बड़े अनुबंध पर हस्ताक्षर कर सकती है.