Fear of Layoffs: AI क्षेत्र में तेजी के बावजूद छंटनी का डर, भारत के 66% एआई पेशेवरों को नौकरी जाने की आशंका

टेक सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से विस्तार होने के बावजूद भारत में इस क्षेत्र में काम कर रहे पेशेवरों में नौकरी सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है.

Fear of Layoffs:  आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) तकनीक के तेजी से विस्तार और भारी निवेश के बावजूद इस क्षेत्र में कार्यरत पेशेवरों के बीच नौकरी की सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. आमतौर पर यह माना जाता है कि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और मॉडल बनाने वाले पेशेवरों की नौकरियां पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन हाल ही में आए एक सर्वे के आंकड़े इस धारणा को चुनौती देते हैं.

कार्यस्थल और प्रोफेशनल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म 'ब्लाइंड' (Blind) द्वारा भारत में 1,552 टेक पेशेवरों के बीच किए गए सर्वेक्षण से पता चला है कि 66 प्रतिशत एआई और एमएल विशेषज्ञ अगले तीन से छह महीनों के भीतर अपनी टीमों में छंटनी या कर्मचारियों की संख्या में भारी कटौती की उम्मीद कर रहे हैं. चिंता के मामले में एआई पेशेवर केवल सेल्स और मार्केटिंग विभाग के कर्मचारियों से ही पीछे हैं.  यह भी पढ़े:  India Today Layoffs: 'आज तक' और 'इंडिया टुडे' में बड़े पैमाने पर छंटनी, करीब 120 कर्मचारियों से अचानक मांगा गया इस्तीफा

अलग-अलग विभागों में अनिश्चितता का स्तर

सर्वेक्षण में टेक उद्योग के विभिन्न विभागों के बीच कर्मचारियों की भावना में बड़ा अंतर देखा गया है. सेल्स और मार्केटिंग विभाग में सबसे अधिक 68 प्रतिशत कर्मचारियों ने छंटनी की आशंका जताई है, जबकि प्रोडक्ट और डिजाइन टीमों में 65 प्रतिशत पेशेवरों ने अपनी टीमों में कटौती होने का अनुमान व्यक्त किया है.

इसके विपरीत, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और डेटा एनालिटिक्स से जुड़े कर्मचारियों में अनिश्चितता का स्तर तुलनात्मक रूप से कम है. इंजीनियरिंग क्षेत्र के केवल 24 प्रतिशत पेशेवरों ने छंटनी की अत्यधिक संभावना जताई है, जबकि डेटा और एनालिटिक्स टीम के लगभग 40 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि उनकी टीमों में छंटनी होने की संभावना काफी कम है.

बहुराष्ट्रीय कंपनियों और घरेलू SaaS फर्मों में अंतर

अध्ययन के अनुसार, बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) और घरेलू टेक कंपनियों के कर्मचारियों की सोच में भी स्पष्ट भिन्नता पाई गई है. एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर और पेमेंट सेक्टर से जुड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के कर्मचारियों ने नौकरी को लेकर सबसे अधिक असुरक्षा व्यक्त की है. उदाहरण के तौर पर, सेल्सफोर्स (81%) और ओरेकल (80%) जैसी वैश्विक कंपनियों के कर्मचारियों में छंटनी की आशंका सबसे अधिक देखी गई.

दूसरी ओर, भारत आधारित सॉफ्टवेयर-एज-अ-सर्विस (SaaS) कंपनियों के कर्मचारियों में अपनी नौकरियों को लेकर अधिक विश्वास देखा गया है. भारतीय टेक कंपनी जोहो (Zoho) के केवल 9 प्रतिशत और फ्रेशवर्क्स (Freshworks) के 44 प्रतिशत कर्मचारियों ने ही छंटनी का जोखिम महसूस किया है.

आधिकारिक घोषणाओं से पहले इन संकेतों से सतर्क हो रहे कर्मचारी

सर्वेक्षण के निष्कर्षों से यह भी सामने आया है कि कर्मचारी कंपनी की आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार करने के बजाय संगठनात्मक स्तर पर होने वाले सूक्ष्म बदलावों से छंटनी के संकेतों को समझ रहे हैं.

जो कर्मचारी अपनी नौकरी को जोखिम में मान रहे हैं, उनमें से 27 प्रतिशत ने नई भर्तियों पर रोक (Hiring Freeze) को सबसे बड़ा चेतावनी संकेत बताया है. इसके अलावा, 24 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने बजट और टारगेट में कटौती, प्रोजेक्ट्स के रद्द होने, और परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट प्लान (PIP) के बढ़ते इस्तेमाल को आगामी छंटनी का मुख्य आधार माना है. केवल 9 प्रतिशत कर्मचारियों का मानना था कि वे केवल आधिकारिक बयानों के आधार पर छंटनी का आकलन करते हैं.

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