AI and Data Analytics Jobs: साल 2025 में AI और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में होंगी बंपर भर्तियां, टेक्नोलॉजी लाएगी क्रांति
भारतीय कंपनियां 2025 में 2024 की तुलना में कम से कम 10 प्रतिशत अधिक कर्मचारियों की भर्ती करेंगी. इसमें से ज्यादातर भर्तियां नई टेक्नोलॉजी जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में होंगी. यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई.
नई दिल्ली, 29 दिसंबर : भारतीय कंपनियां 2025 में 2024 की तुलना में कम से कम 10 प्रतिशत अधिक कर्मचारियों की भर्ती करेंगी. इसमें से ज्यादातर भर्तियां नई टेक्नोलॉजी जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में होंगी. यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई.
स्टाफिंग सॉल्यूशंस उपलब्ध कराने वाली कंपनी सीआईईएल एचआर की रिपोर्ट में बताया गया कि बड़ी भारतीय कंपनियां 2025 में भर्तियों को लेकर आश्वस्त हैं. ज्यादातर कंपनियों की भर्तियां 2024 के स्तर को पार कर सकती है. इसके अलावा कंपनियां कर्मचारियों के कौशल विकास पर भी अपना ध्यान केंद्रित कर रही हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा भर्तियां सेमीकंडक्टर, स्टार्टअप, साइबरसिक्योरिटी, रिन्यूएबल एनर्जी, एआई और जीसीसी में होंगी. यह भी पढ़ें : Funding Booster: भारतीय स्टार्टअप को इस साल 12 बिलियन डॉलर से अधिक मिली फंडिंग
इससे पहले फाउंडिट (पूर्व में मॉन्स्टर) की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भर्तियों में 9 प्रतिशत वृद्धि होने की उम्मीद है. रिपोर्ट में कहा गया कि उभरती हुई टेक्नोलॉजी और बदलती व्यावसायिक प्राथमिकताएं 2025 में भारत के जॉब मार्केट को आकार देंगी. एज कंप्यूटिंग, क्वांटम एप्लिकेशन और साइबर सिक्योरिटी एडवांसमेंट जैसे इनोवेशन देश की मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर और आईटी इंडस्ट्री को बदलने के लिए तैयार हैं.
फाउंडिट में मार्केटिंग की वाइस प्रेसिडेंट, अनुपमा भीमराजका ने कहा, "2025 के साथ भारत का रोजगार बाजार अपने आकार को बड़ा बनाने के लिए तैयार है. इस दौरान भर्तियों में 9 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है. कंपनियां न केवल अनुभवी पेशेवरों की तलाश कर रही हैं, बल्कि स्थापित केंद्रों से परे अपनी खोज को भी व्यापक बना रही हैं."
रिटेल सेक्टर की भर्तियों में 12 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है, जो ट्रेडिशनल और टेक-इनेबल्ड रोल की बढ़ती मांग को दर्शाता है. इस सेक्टर की वृद्धि ईंट-और-मोर्टार स्टोर के पुनरुत्थान और टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में बढ़ते उपभोक्ता खर्च की वजह से देखी जा रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 29, 2024 12:33 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

