Manoj Kothari Dies: पूर्व विश्व बिलियर्ड्स चैंपियन मनोज कोठारी का निधन, 67 साल की उम्र में तिरुनेलवेली में ली अंतिम सांस

भारत के पूर्व विश्व बिलियर्ड्स चैंपियन और राष्ट्रीय मुख्य कोच मनोज कोठारी का सोमवार, 5 जनवरी 2026 की सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. 67 वर्षीय कोठारी ने तमिलनाडु के तिरुनेलवेली स्थित एक अस्पताल में अंतिम सांस ली

Manoj Kothari Dies: भारत के पूर्व विश्व बिलियर्ड्स चैंपियन और राष्ट्रीय मुख्य कोच मनोज कोठारी का सोमवार, 5 जनवरी 2026 की सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. 67 वर्षीय कोठारी ने तमिलनाडु के तिरुनेलवेली स्थित एक अस्पताल में अंतिम सांस ली. तीन दशकों से अधिक समय तक खेल की सेवा करने वाले कोठारी के निधन से भारतीय खेल जगत ने एक महान मार्गदर्शक खो दिया है.

स्वास्थ्य और अंतिम समय

पारिवारिक जानकारी के अनुसार, कोठारी का दस दिन पहले सफल लिवर ट्रांसप्लांट हुआ था। हालांकि शुरुआती सुधार के बाद उन्हें फेफड़ों में संक्रमण हो गया.सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनका अंतिम संस्कार सोमवार शाम तिरुनेलवेली में संपन्न हुआ और जल्द ही उनके पैतृक शहर कोलकाता में एक शोक सभा आयोजित की जाएगी. यह भी पढ़े: Dr.AK Rairu Gopal Passes Away: नहीं रहे 2 रूपए में लोगों का इलाज करनेवाले डॉ.एके रायरू गोपाल, केरल के कुन्नर में 80 साल की उम्र में हुआ निधन

उपलब्धियों से भरा रहा करियर

मनोज कोठारी के करियर का सबसे यादगार क्षण 1990 में आया, जब उन्होंने बेंगलुरु में आयोजित IBSF विश्व बिलियर्ड्स चैंपियनशिप का खिताब जीता. एक वाइल्डकार्ड खिलाड़ी के रूप में उनकी यह जीत भारतीय क्यू स्पोर्ट्स के इतिहास में मील का पत्थर मानी जाती है। इसके बाद उन्होंने 1997 में वर्ल्ड डबल्स बिलियर्ड्स चैंपियनशिप भी जीती.

खेल के प्रति उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने 2005 में उन्हें ध्यानचंद पुरस्कार से सम्मानित किया था. इसके अलावा, साल 2025 में बिलियर्ड्स और स्नूकर फेडरेशन ऑफ इंडिया (BSFI) ने उन्हें 'लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड' प्रदान किया था.

भारतीय कोचिंग के सूत्रधार

एक सफल खिलाड़ी के बाद कोठारी ने कोच के रूप में भी अभूतपूर्व सफलता हासिल की। उन्होंने लगभग 15 वर्षों तक भारतीय राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच की भूमिका निभाई। उनके मार्गदर्शन में भारत ने पंकज आडवाणी जैसे कई विश्व स्तरीय चैंपियन तैयार किए.

पंकज आडवाणी ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए एक "अद्भुत इंसान" और "जुनूनी कोच" बताया, जो खिलाड़ियों के प्रदर्शन को निखारने के लिए हमेशा तत्पर रहते थे.

एक दुर्लभ खेल वंश

मनोज कोठारी की विरासत को उनके बेटे सौरव कोठारी ने बखूबी आगे बढ़ाया है। कोठारी परिवार के नाम यह दुर्लभ गौरव दर्ज है कि पिता और पुत्र दोनों ने एक ही खेल में विश्व खिताब जीते हैं। सौरव ने हाल ही में अपने पिता के मार्गदर्शन में 2025 की IBSF वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियनशिप जीती थी.मनोज कोठारी के परिवार में उनकी पत्नी नीता (पूर्व राज्य स्तरीय खिलाड़ी), पुत्र सौरव और पुत्री श्रेया हैं.

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