BCCI New Chief: 1983 वर्ल्ड कप में लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले रोजर बिन्नी का BCCI अध्यक्ष बनना तय
पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज और 1983 विश्व चैंपियन टीम के सदस्य रोजर बिन्नी सौरव गांगुली की जगह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष बनने को तैयार हैं. बिन्नी 18 अक्टूबर को मुंबई में होने वाली बीसीसीआई की वार्षिक आम सभा में पद संभालेंगे.
BCCI New Chief: पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज और 1983 विश्व चैंपियन टीम के सदस्य रोजर बिन्नी (Roger Binny) सौरव गांगुली की जगह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष बनने को तैयार हैं. बिन्नी 18 अक्टूबर को मुंबई में होने वाली बीसीसीआई की वार्षिक आम सभा में पद संभालेंगे. बाहरी लोगों के लिए 67 वर्षीय बिन्नी का अध्यक्ष बनना चौंका सकता है, लेकिन 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य बिन्नी के पास क्रिकेट प्रशासन का लंबा अनुभव है. वह कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ में कई पदों पर रह चुके हैं, जबकि 2019 से वह अध्यक्ष हैं. रोजर बिन्नी ने BCCI अध्यक्ष, राजीव शुक्ला उपाध्यक्ष और जय शाह सचिव पद के लिए दाखिल किया नामांकन.
ईएसपीएनक्रिकइंफो को पता चला है कि पांच पदाधिकारियों के पदों के लिए सोमवार को नामांकन बंद होने के बाद बिन्नी अध्यक्ष पद के लिए एकमात्र प्रविष्टि थे, जो मूल रूप से 18 अक्तूबर को बोर्ड चुनावों में लड़ने के लिए थे. यहां तक कि किसी भी पद के लिए कोई चुनाव नहीं होगा. गांगुली समेत पिछले और मौजूदा वरिष्ठ प्रशासकों ने लोगों को विभिन्न पदों के लिए शॉर्टलिस्ट किया है.
भारत के गृहमंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह बीसीसीआई सचिव पद पर बने रहेंगे, जो बीसीसीआई के सबसे अहम पदों में से एक है. राजीव शुक्ला भी उपाध्यक्ष पद पर बने रहेंगे. बिन्नी के साथ ही दो अन्य लोग पहली बार बीसीसीआई प्रशासन से जुड़े हैं. 2017-19 तक मुंबई क्रिकेट संघ के अध्यक्ष रह चुके आशीष शेलार बोर्ड के कोषाध्यक्ष होंगे जबकि अभी असम क्रिकेट संघ के सचिव देवाजीत सैकिया संयुक्त सचिव बनेंगे.
2019 से आईपीएल चेयरमैन पद संभाल रहे बृजेश पटेल का पद अब अरुण धूमल संभालेंगे. धूमल गांगुली प्रशासन में कोषाध्यक्ष हैं और पूर्व बोर्ड अध्यक्ष और मौजूदा खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के भाई हैं. पटेल को यह पद छोड़ना पड़ेगा क्योंकि वह 24 नवंबर को वह 70 साल के हो जाएंगे. बीसीसीआई संविधान के मुताबिक कोई भी अधिकारी या प्रशासक 70 साल तक की उम्र तक ही पद पर बना रह सकता है.
उम्र का नियम बिन्नी को भी एक ही एक कार्यकाल (तीन साल) 2025 तक बने रहने की अनुमति देगा. आरएम लोढा कमेटी की सिफारिशों में पिछले ही दिनों कोर्ट ने कई बदलाव किए थे, जिसमें कोई अधिकारी बीसीसीआई या राज्य संघ में एक के बाद एक दो कार्यकाल नहीं कर सकता है, उन्हें तीन साल के कूलिंग ऑफ पीरियड में जाना होगा.
2018 के इस फैसले को कोर्ट ने बदल दिया है. पुराने नियम में अधिकारी एक जगह पर छह साल या राज्य और बीसीसीआई में मिलाकर छह साल पूरा करने के बाद कूलिंग ऑफ पीरियड में जाते. अगर ऐसा होता तो गांगुली प्रशासन आगे बढ़ने पर अयोग्य हो जाता.
हालांकि कोर्ट के ताजा फै़सले से शाह भी 2025 तक बने रह सकते हैं, क्योंकि उन्हांने 2019 में सचिव पद संभाला था. वहीं गांगुली को भी सुप्रीम कोर्ट का नया संविधान बनने के बाद पहली बार अध्यक्ष चुना गया था.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 11, 2022 06:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

