PV Sindhu Wins Japan Open: पीवी सिंधु ने जापान ओपन में रचा इतिहास, अकाने यामागुची को हराकर पहली बार बनीं चैंपियन, 2 साल बाद जीता बड़ा खिताब
भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु ने जापान ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है. फाइनल मुकाबले में उन्होंने जापान की अकाने यामागुची को सीधे गेम में 21-17, 21-17 से शिकस्त दी.
PV Sindhu Wins Japan Open: भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने जापान ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट जीतकर एक नया इतिहास रच दिया है. 31 वर्षीय सिंधु ने रविवार को खेले गए महिला एकल के खिताबी मुकाबले में घरेलू पसंदीदा और पूर्व विश्व चैंपियन अकाने यामागुची (Akane Yamaguchi) को सीधे गेम में हरा दिया. सिंधु ने यह मुकाबला 21-17, 21-17 से अपने नाम किया. पिछले दो वर्षों में सिंधु का यह पहला बड़ा बीडब्ल्यूएफ (BWF) वर्ल्ड टूर खिताब है.
50 मिनट तक चला रोमांचक मुकाबला
टोक्यो के टोक्यो मेट्रोपॉलिटन जिम्नेजियम में खेला गया यह फाइनल मुकाबला करीब 50 मिनट तक चला. खेल के शुरुआत से ही दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली. सिंधु ने बेहतरीन आक्रामक शॉट्स और मजबूत डिफेंस का प्रदर्शन करते हुए पहले गेम को 21-17 से जीता.
दूसरे गेम में भी जापानी खिलाड़ी यामागुची ने वापसी की कोशिश की, लेकिन सिंधु ने अपने संयम को बनाए रखा. उन्होंने यामागुची को नेट पर उलझाए रखा और अंततः दूसरा गेम भी 21-17 से जीतकर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया.
दो साल का खिताबी सूखा हुआ खत्म
पीवी सिंधु के लिए यह जीत उनके करियर के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने पिछले दो साल से कोई बड़ा बीडब्ल्यूएफ सुपर 750 या उससे ऊपर का खिताब नहीं जीता था. उनका पिछला बड़ा अंतरराष्ट्रीय खिताब साल 2022 में सिंगापुर ओपन सुपर 500 था, जबकि उन्होंने आखिरी बार 2024 में घरेलू सरजमीं पर सैयद मोदी इंटरनेशनल का खिताब जीता था. इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही सिंधु जापान ओपन का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी भी बन गई हैं.
फाइनल तक का सफर और शानदार खेल
इस पूरे टूर्नामेंट में पीवी सिंधु का प्रदर्शन बेहद शानदार और कूटनीतिक रहा. उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में विश्व की पांचवें नंबर की खिलाड़ी हान यूई को हराया था. इसके बाद क्वार्टर फाइनल में उन्हें नोज़ोमी ओकुहारा के हटने के कारण वॉकओवर मिला.
शनिवार को खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में सिंधु का सामना चीन की मजबूत खिलाड़ी और ओलंपिक चैंपियन चेन युफेई से था. उस मैच में सिंधु ने पहले गेम को 21-19 से जीता था और दूसरे गेम में 15-10 से आगे चल रही थीं, तभी चेन युफेई हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण मैच से हट गईं. इस जीत ने सिंधु का चेन युफेई के खिलाफ लगातार पांच मैच हारने का सिलसिला भी तोड़ दिया.
रैंकिंग में होगा बड़ा सुधार
इस टूर्नामेंट की शुरुआत में पीवी सिंधु विश्व रैंकिंग में शीर्ष 10 से बाहर चल रही थीं. हालांकि, इस सप्ताह के शानदार प्रदर्शन और जापान ओपन 750 का खिताब जीतने के बाद उनकी रैंकिंग में बड़ा उछाल आना तय है. खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह खिताबी जीत आगामी विश्व चैंपियनशिप के लिए सिंधु के मनोबल को काफी मजबूत करेगी, जहां भारतीय दल से बड़ी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं.