एडवर्ड मोर्ड्रेक के थे दो चेहरे, पहला फेस करता था दूसरे को परेशान, तंग आकर कर ली आत्महत्या, जानें पूरी कहानी
मोम से बना एडवर्ड मोर्ड्रेक का सिर, (फोटो क्रेडिट्स: YouTube)

एडवर्ड मोर्ड्रेक (Edward Mordrake) की कहानी इंटरनेट के सबसे ज्यादा आकर्षक कहानियों में से एक थी. अठारहवीं सदी के धनी व्यक्ति एडवर्ड अपने दो चेरों के लिए मशहूर थे. उनका एक चेहरा आगे था और दूसरा पीछे. सबसे ज्यादा हैरान कर देनेवाली बात ये थी कि, उनके दोनों चेहरे सक्रिय थे. लेकिन उनका जो दूसरा चेहरा था उसकी प्रवृत्ति शैतानी थी. एडवर्ड जब सोते थे, तो उनका दूसरा चेहरा जो पीछे की ओर था वो जोर-जोर से हंसता, चिल्लाता उन्हें चिढ़ाता और रात भर सोने नही देता था. वो एडवर्ड को छोड़कर कभी किसी से बात नहीं करता था. वो रात में उनसे शैतानी बातें करता था, जिसकी वजह से एडवर्ड बहुत परेशान हो गए थे.

साल 1985 में बोस्टन पोस्ट में छपी रिपोर्ट में एडवर्ड का जिक्र किया गया था, उसमें लिखा था कि एडवर्ड अपने दूसरे चेहरे से काफी परेशान थे, क्योंकि इसकी वजह से वह कई-कई दिनों तक सो नहीं पाते थे. खबरों के अनुसार अपने दूसरे चेहरे से परेशान होकर एडवर्ड डॉक्टर के पास गए और उनसे अपने शैतानी चेहरे से निजात दिलाने की बात कही. लेकिन उस वक्त ऐसी कोई तकनीक नहीं थी. एडवर्ड का चेहरा उनके कंट्रोल के बाहर था.

फेसबुक पर एडवर्ड मोर्ड्रेक का मोम से बने हुए सिर की तस्वीर वायरल हो रही है. इसे Ewart Schindler ने बनाया है. इसे देखकर अंदाजा लगाया जाता है कि, एडवर्ड हुबहू ऐसे ही दिखाई देते होंगे. सिर की तस्वीर सोमवार 2 सितंबर को 'पिक्चर्स इन हिस्ट्री' नाम के फेसबुक अकाउंट से पोस्ट की गई. तस्वीर के साथ पोस्ट में लिखा गया कि,'एडवर्ड मोर्ड्रेक के दो चेहरे थे, एक आगे और दूसरा पीछे. उनका जो पीछे वाला चेहरा था वो पूरे शब्द तो नहीं बोल पाता था, लेकिन वो एडवर्ड के कंट्रोल के बिना हंसने, रोने और अजीब शोर करने में सक्षम था. उन्होंने कथित तौर पर डॉक्टरों से अपना "डेमन फेस" हटाने को कहा, क्योंकि वो रात में फुसफुसाता था और नर्क की बातें करता था. लेकिन उस वक्त डॉक्टर्स कुछ भी नहीं कर पाए. जिसके बाद एडवर्ड ने अपने शैतानी चेहरे से परेशान होकर सिर्फ 23 साल की उम्र में आत्महत्या कर ली थी.

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ये कहानी तब प्रसिद्ध हुई जब 1896 में वैध चिकित्सा पुस्तक एनोमलीज एंड क्यूरियोसिटीज ऑफ मेडिसिन (Anomalies and Curiosities of Medicine) बुक में दर्ज हुई. हालांकि साल 2015 में, द म्यूजियम ऑफ होक्स की वेबसाइट पर एक इतिहासकार ने पुराने अखबारों के संग्रह को खोजा और पाया कि मेडिकल बुक में कहानी द बोस्टन संडे पोस्ट के एक साल पहले प्रकाशित की गई थी. यह लेख असंभव मानव विसंगतियों के संग्रह का हिस्सा था. इस बात का कोई सबूत नहीं है कि वास्तव में एडवर्ड थे या नहीं.