Humpback Whale Grieving Video: ऑस्ट्रेलिया के समुद्र में मृत बच्चे के पास मंडराती दिखी हंपबैक व्हेल; वैज्ञानिकों ने कैमरे में कैद किया दुर्लभ मातृत्व व्यवहार
ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट के पास समुद्र की तलहटी में एक मादा हंपबैक व्हेल द्वारा अपने मृत जन्मे बच्चे की देखभाल और उसके पास बार-बार लौटने का अत्यंत दुर्लभ दृश्य कैमरे में दर्ज किया गया है. वैज्ञानिकों के अनुसार, बलीन व्हेल प्रजाति में मृत शावक के प्रति इस प्रकार के 'मरणोपरांत चौकस व्यवहार' का यह पहला प्रलेखित मामला है. जुलाई 2025 में रिकॉर्ड किए गए इस फुटेज पर आधारित शोध बुधवार, 16 सितंबर 2026 को 'डिस्कवर एनिमल्स' जर्नल में प्रकाशित हुआ है.
सिडनी: गहरे समंदर में व्हेल मछलियों की भावनात्मक दुनिया और उनकी सामाजिक जटिलता को उजागर करने वाली एक दुर्लभ वैज्ञानिक घटना सामने आई है। ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड स्थित गोल्ड कोस्ट के तट पर एक मादा हंपबैक व्हेल को अपने मृत जन्मे बच्चे के शव के पास गहरे समुद्र की तलहटी में लगातार पहरा देते और देखभाल करते हुए कैमरे में कैद किया गया है.
The Guardian की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी और सी वर्ल्ड फाउंडेशन के समुद्री शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस अध्ययन को वैज्ञानिक पत्रिका 'डिस्कवर एनिमल्स' में प्रकाशित किया गया है. वैज्ञानिकों का मानना है कि बलीन व्हेल (फिल्टर-फीडिंग व्हेल) में मृत नवजात के प्रति ऐसा व्यवहार इतिहास में पहली बार वैज्ञानिक रूप से दर्ज किया गया है.
गोप्रो कैमरे में दर्ज हुआ समुद्र की तलहटी का दृश्य
यह दुर्लभ फुटेज जुलाई 2025 में उस समय रिकॉर्ड किया गया, जब सी वर्ल्ड फाउंडेशन के बचाव नौका कैप्टन और अध्ययन के सह-लेखक एंड्रयू मुलविले समुद्र में गश्त पर थे:
- सतह पर असामान्य हलचल: मुलविले ने देखा कि दो वयस्क हंपबैक व्हेल पानी की सतह पर असामान्य तरीके से मंडरा रही थीं. एक व्हेल ने अपनी पूंछ ऊपर की ओर कर लंबवत (वर्टिकल) स्थिति बना रखी थी.
- एमनियोटिक झिल्ली मिली: कुछ ही पलों बाद पानी पर भ्रूण को ढकने वाली एमनियोटिक झिल्ली (Amniotic Membrane) तैरती हुई दिखाई दी, जिससे स्पष्ट हो गया कि व्हेल ने अभी-अभी बच्चे को जन्म दिया है.
- समुद्र तल पर मृत मिला शावक: जब गोप्रो कैमरे से पानी के भीतर देखा गया, तो नवजात शावक समुद्र की तलहटी में गतिहीन पड़ा हुआ था और मां उसके ऊपर पहरा दे रही थी.
बच्चे के पास 90 मिनट तक मंडराती रही मां
IFLScience की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी के समुद्री पारिस्थितिकी विज्ञानी डॉ. ओलाफ मेयनेके ने बताया कि मां का यह व्यवहार असाधारण रूप से भावुक था:
- लगातार स्पर्श और गोताखोरी: मादा व्हेल बार-बार नीचे गोता लगाती, बच्चे के शरीर के ठीक बगल में लेट जाती, अपने पेक्टोरल फिन (पंख) को धीरे से बच्चे के ऊपर घुमाती और कुछ देर रुकने के बाद सांस लेने के लिए सतह पर आती.
- 90 मिनट से अधिक का समय: शोधकर्ताओं ने इस व्यवहार को लगातार दो घंटे तक देखा, जिसमें मां कम से कम 90 मिनट तक सीधे बच्चे के पास ही बनी रही. स्थानीय लोगों ने अगले दो दिनों तक भी उस इलाके में दो वयस्क व्हेलों की मौजूदगी दर्ज की थी.
- सतह पर उठाने की कोशिश नहीं की: डॉल्फिन या ओर्का जैसी दांतेदार व्हेलों (Toothed Whales) के विपरीत, इस हंपबैक मां ने बच्चे को सतह पर उठाने की कोशिश नहीं की. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि मां शायद यह समझ चुकी थी कि बच्चा जन्म के समय ही दम तोड़ चुका है.
कैमरे में कैद हुई हम्पबैक व्हेल, मरे हुए बच्चे के लिए शोक मनाते हुए दिखी
साथ में मौजूद थी 'एस्कॉर्ट' व्हेल
इस पूरी घटना के दौरान मां अकेली नहीं थी:
- शोधकर्ताओं ने बताया कि जन्म और उसके बाद के समय में एक दूसरी वयस्क व्हेल भी पूरे समय उसके साथ बनी रही, जिसे समुद्री विज्ञान में 'एस्कॉर्ट' (Escort) कहा जाता है.
- हंपबैक व्हेलों में प्रसव और प्रवास के दौरान गर्भवती मादाओं के साथ अन्य साथी व्हेलों का चलना एक सामान्य सामाजिक व्यवहार है. आकार और बनावट के आधार पर यह एस्कॉर्ट भी संभवतः एक मादा व्हेल ही थी.
क्या वैज्ञानिक इसे 'शोक' या 'दुख' कह सकते हैं?
वैज्ञानिक भाषा में इस क्रिया को 'पोस्टॉर्टम अटेंटिव बिहेवियर' (Postmortem Attentive Behavior) यानी मृत्यु के बाद की चौकसी कहा जाता है:
- शोक की पुष्टि कठिन: शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि हालांकि यह व्यवहार एक बेहद मजबूत मातृत्व जुड़ाव और देखभाल की प्रवृत्ति को दर्शाता है, लेकिन विज्ञान अभी इसे सीधे इंसानी 'शोक' (Grief) का नाम देने से बचता है. जंगली जीवों में भावनाओं का सटीक न्यूरोलॉजिकल मापन संभव नहीं है.
- अब तक क्यों नहीं देखा गया था यह दृश्य? दांतेदार व्हेलों के शावक जन्म के समय तैरते हैं, जबकि बलीन व्हेल के नवजातों में पर्याप्त वसा (Blubber) न होने के कारण वे मृत होते ही सीधे समुद्र तल में डूब जाते हैं. गहरे पानी में जन्म होने के कारण इंसानों के लिए ऐसी घटनाओं को देख पाना लगभग असंभव रहा है.
समुद्री जीवविज्ञानियों का मानना है कि यह दुर्लभ खोज यह साबित करती है कि महासागर के इन विशालकाय स्तनधारियों का सामाजिक ताना-बाना और मातृत्व संबंध हमारी पूर्व कल्पनाओं से कहीं अधिक गहरा और जटिल है.