Fact Check: क्या भारत में कपल को जिंदा दफन किए जाने का वायरल वीडियो सच है? फैक्ट चेक में जानें दावे की सच्चाई
A video that has gone viral across social media platforms, claiming to depict a couple being buried alive in India, is misleading.
Fact Check: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) और व्हाट्सएप पर तेजी से प्रसारित हो रहे एक परेशान करने वाले वीडियो को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. वीडियो में दावा किया जा रहा था कि भारत में एक दंपत्ति को जिंदा दफनाया जा रहा है. हालांकि, मीडिया फैक्ट-चेक रिपोर्टों के अनुसार यह दावा पूरी तरह से भ्रामक और गलत है.
जांच में पाया गया है कि यह वीडियो किसी वास्तविक घटना का नहीं है, बल्कि एक फिल्म की शूटिंग के दौरान लिया गया बीटीएस (बिहाइंड द सीन्स) क्लिप है. यह भी पढ़े: Fact Check: क्या आंध्र प्रदेश में आ रही है कोरोना की नई लहर? कडप्पा में 2 मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग का बड़ा स्पष्टीकरण
भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में कुछ लोगों को मिट्टी में दबे दिखाया गया है, जिसे असली घटना बताकर पोस्ट किया जा रहा है. इस संवेदनशील दृश्य के कारण लोग इसे बिना सच जाने तेजी से शेयर कर रहे थे, जिससे इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के बीच भ्रम और चिंता का माहौल बन गया.
वीडियो के साथ लिखे गए कैप्शन में यह दावा किया गया था कि यह भारत के किसी हिस्से में घटित हुई एक वास्तविक और क्रूर त्रासदी है.
वायरल वीडियो की जानें सच्चाई
फैक्ट चेक में क्या आया सामने?
फैक्ट-चेकिंग टीम और डिजिटल जांच संस्था 'ऑन्ली फैक्ट इंडिया' (OnlyFactIndia) ने इस क्लिप की पड़ताल की. जांच में स्पष्ट हुआ कि इस वीडियो को जानबूझकर इसके वास्तविक संदर्भ से हटाकर पेश किया गया है.
'ऑन्ली फैक्ट इंडिया' ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर इस दावे का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि वायरल फुटेज किसी अपराध या हादसे का नहीं है. यह एक फिल्म या नाटक के सेट पर की जा रही शूटिंग का हिस्सा है, जिसे सोशल मीडिया पर गलत संदर्भ में प्रसारित किया जा रहा है.
देखें VIDEO
शूटिंग क्लिप्स को वायरल करने का ट्रेंड
फिल्मों, वेब सीरीज या नाटकों के शूटिंग वीडियो को असली बताकर शेयर करना सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने का एक नया जरिया बन गया है. सनसनीखेज कंटेंट के जरिए व्यूज और एंगेजमेंट पाने के लिए अक्सर ऐसे 'बिहाइंड द सीन्स' वीडियो को गलत दावों के साथ पोस्ट किया जाता है.
विशेषज्ञों और जांच एजेंसियों ने सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे इस तरह के चौंकाने वाले या संवेदनशील वीडियो पर बिना आधिकारिक पुष्टि के विश्वास न करें और ना ही इन्हें आगे शेयर करें.