Fact Check: सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट डालने पर होगी 5 साल की जेल? यहां पढ़ें वायरल खबर की पूरी सच्चाई
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें कहा जा रहा है कि अगर इंटरनेट यूजर्स सोशल मीडिया पर कोई विवादित पोस्ट अपलोड करते हैं तो उन्हें पांच साल के लिए जेल की सजा होगी. बता दें कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही यह खबर पूरी तरह से फेक है.
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नई दिल्ली, 27 फरवरी: सोशल मीडिया (Social Media) पर इन दिनों एक पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें कहा जा रहा है कि अगर इंटरनेट यूजर्स सोशल मीडिया पर कोई विवादित पोस्ट अपलोड करते हैं तो उन्हें पांच साल के लिए जेल की सजा होगी. बता दें कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही यह खबर पूरी तरह से फेक है. पीआईबी फैक्ट चेक में बताया गया है कि, ' यह दावा भ्रामक है. देश की संप्रभुता, अखंडता, राज्य की सुरक्षा, विदेशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध व अन्य महत्वपूर्ण विषय पर विवादित सामग्री के लिए यह प्रावधान बनाया गया है.'
बता दें कि हाल ही में सरकार ने सोशल मीडिया मंचों का दुरुपयोग रोकने के लिए नए दिशा-निर्देशों की घोषणा की है, जिनके तहत संबंधित कंपनियों के लिए शिकायत अधिकारी की नियुक्ति करना, शरारतपूर्ण सूचना की शुरुआत करने वाले प्रथम व्यक्ति का खुलासा करने और अश्लील सामग्री तथा महिलाओं की तस्वीरों से छेड़छाड़ जैसी सामग्री को 24 घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य कर दिया गया है.
दावा: सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट डालने पर 5 साल जेल#PIBFactCheck: यह दावा भ्रामक है।देश की संप्रभुता, अखंडता, राज्य की सुरक्षा,विदेशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध व अन्य महत्वपूर्ण विषय पर विवादित सामग्री के लिए यह प्रावधान बनाया गया है
विस्तार से पढ़ें: https://t.co/GRV20MrBid pic.twitter.com/4sMNe7FEuI
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) February 27, 2021
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सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने नए दिशा-निर्देशों की घोषणा करते हुए कहा कि सोशल मीडिया मंचों के बार-बार दुरुपयोग तथा फर्जी खबरों के प्रसार के बारे में चिंताएं व्यक्त की जाती रहीं हैं और सरकार 'सॉफ्ट टच' विनियमन ला रही है.
नए नियमों के अनुसार सोशल मीडिया कंपनियों को शिकायत अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी जो 24 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज करेगा. शिकायत समाधान अधिकारी का निवास भारत में होना चाहिए तथा सोशल मीडिया मंचों को मासिक रूप से अनुपालन रिपोर्ट दायर करनी होगी. सरकार या अदालत के कहने पर सोशल मीडिया मंचों को शरारतपूर्ण सूचना की शुरुआत करने वाले प्रथम व्यक्ति का खुलासा करना होगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 27, 2021 03:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

