Fact Check: क्या E20 पेट्रोल की तरफ आकर्षित हो रही हैं चींटियां? सिक्किम के वायरल वीडियो का सच आया सामने
सोशल मीडिया पर सिक्किम का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक कार के फ्यूल टैंक पर चींटियों का झुंड जमा दिखाई दे रहा है। दावा किया जा रहा है कि पेट्रोल में इथेनॉल (गन्ने का रस) होने के कारण ऐसा हो रहा है। फैक्ट चेक में जानें इस दावे की पूरी सच्चाई.
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गंगटोक, 15 जून: सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर सिक्किम (Sikkim) से सामने आया एक वीडियो इन दिनों खूब सुर्खियां बटोर रहा है. इस वीडियो में एक कार के फ्यूल टैंक (Fuel Tank) (ईंधन टैंक) के ढक्कन के चारों ओर चींटियों (Ants) का एक बड़ा झुंड रेंगता हुआ दिखाई दे रहा है. इस वीडियो के सामने आने के बाद इंटरनेट पर यह कयास लगाए जाने लगे कि भारत सरकार द्वारा अनिवार्य किए गए नए E20 (20% इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल की वजह से चींटियां गाड़ियों की तरफ आकर्षित हो रही हैं. चूंकि इथेनॉल (Ethanol) को मुख्य रूप से गन्ने से तैयार किया जाता है, इसलिए अफवाह उड़ी कि इस ईंधन में मीठापन होने के कारण कीड़े-मकोड़े वहां जमा हो रहे हैं. फैक्ट चेक में इस दावे के पीछे के वैज्ञानिक कारणों की पुष्टि हुई है. यह भी पढ़ें: PIB Fact Check: क्या 30 जून तक बंद हो जाएंगे कागज के नोट और आएंगे प्लास्टिक करेंसी? सरकार ने बताया वायरल खबर का सच
क्या था वायरल वीडियो में दावा?
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, ‘क्या प्रकृति आपको यह बता रही है कि आजकल आपके पेट्रोल में कितना गन्ने का रस मिलाया जा रहा है?’ वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि फ्यूल इनलेट के पास चींटियों ने बाकायदा अपना डेरा जमा लिया है. वीडियो के वायरल होते ही वाहन चालकों के बीच चिंता बढ़ गई कि क्या E20 पेट्रोल उनकी गाड़ियों में चींटियों की समस्या खड़ी कर रहा है.
वायरल वीडियो में सिक्किम में फ्यूल टैंक पर चींटियों का झुंड दिखाई दे रहा है
Is this nature telling you how much sugarcane juice is in your petrol nowadays?
(Video from Sikkim) pic.twitter.com/JR9HQPDFur
— Kapil (@kapsology) June 14, 2026
फैक्ट चेक: क्या सच में चींटियों को पसंद है इथेनॉल?
वैज्ञानिक अध्ययनों और फैक्ट चेक के अनुसार, यह दावा पूरी तरह सच पाया गया है कि चींटियां इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की तरफ आकर्षित होती हैं. E20 पेट्रोल वास्तव में 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत गैसोलीन (पेट्रोल) का एक मिश्रण है. चूंकि इथेनॉल गन्ने या अन्य जैव पदार्थों के फर्मेंटेशन (किण्वन) से बनता है, इसलिए यह चींटियों के लिए भोजन का एक संकेत (फूड क्यू) छोड़ता है.
अध्ययनों से पता चलता है कि पेट्रोल में फर्मेंटेड शुगर (किण्वित शर्करा) की मौजूदगी चींटियों के खोजी व्यवहार (Exploratory Behaviour) को सक्रिय कर देती है. यही वजह है कि वे ईंधन की तलाश में या उस गंध के पीछे खिंची चली आती हैं.
फ्यूल कैप से निकलने वाली वाष्प है जिम्मेदार
भारत में अब E20 पेट्रोल ब्लेंड का इस्तेमाल बेहद आम हो चुका है. विशेषज्ञों का कहना है कि जब गाड़ियों में इस पेट्रोल को भरा जाता है, तो फ्यूल टैंक के फिलर कैप (ढक्कन) के आसपास से कुछ वाष्प (Vapours) या ईंधन के बारीक अवशेष बाहर रह जाते हैं. इथेनॉल की इसी गंध को चींटियां भांप लेती हैं और टैंक के चारों ओर झुंड बना लेती हैं, जैसा कि सिक्किम के इस वायरल वीडियो में देखा गया.
अतः वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जमीनी हकीकत दोनों से यह साफ है कि सिक्किम का यह वीडियो पूरी तरह प्रामाणिक है और E20 पेट्रोल से निकलने वाली इथेनॉल की गंध ही चींटियों को आकर्षित करने की मुख्य वजह है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 15, 2026 12:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

